मई में फरवरी जैसा मौसम: काशी में ठंडी हवाओं का असर, पारा 33.8 डिग्री पर ठहरा
2026-05-02 02:24 PM
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वाराणसी| भीषण गर्मी के लिए पहचाने जाने वाले मई महीने ने इस बार काशी में चौंकाने वाली शुरुआत की है। आमतौर पर जहां इस समय तक तेज धूप और लू का प्रकोप शुरू हो जाता है, वहीं इस बार मौसम फरवरी जैसी ठंडक लिए हुए नजर आया। बादलों की आवाजाही और प्रदूषण में कमी के कारण धूप तो तेज रही, लेकिन तापमान अपेक्षा से काफी नीचे दर्ज किया गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंच सका, जो सामान्य से 6.6 डिग्री कम है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मई की शुरुआत 36 से 44 डिग्री के बीच तापमान के साथ हुई थी, ऐसे में इस बार का मौसम साफ तौर पर अलग नजर आ रहा है।
न्यूनतम तापमान और हवा की गुणवत्ता में सुधार
सिर्फ दिन का तापमान ही नहीं, बल्कि रात का मौसम भी अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। काशी का न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। बारिश का दौर थमने के बाद हवा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। एक्यूआई में करीब 71 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 119 से घटकर 48 पर पहुंच गया। यह बदलाव येलो जोन से ग्रीन जोन में आने का संकेत देता है। मौसम साफ होने के कारण धूप की तीव्रता जरूर बढ़ी है, लेकिन जमीन के ठंडे रहने से तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो सकी।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और आगामी मौसम का संकेत
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। चार मई से प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। आंधी, तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके लिए चेतावनी भी जारी की गई है। इस बदलाव के चलते तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। खास बात यह है कि मई के शुरुआती दस दिनों तक लू चलने की संभावना लगभग न के बराबर बताई गई है, जो आम लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
मई के पूरे महीने का पूर्वानुमान
डॉ. सिंह ने आगे बताया कि मई के दौरान प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह सामान्य रहने की संभावना है। इसके अलावा, पूर्वी, मध्यवर्ती, तराई और दक्षिणी हिस्सों में औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के संकेत हैं। यानी दिन में भले राहत मिले, लेकिन रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
अप्रैल की बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती और अंतिम चरण में सक्रिय तीन पश्चिमी विक्षोभों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। इनकी वजह से चार दिनों तक ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिसने तापमान को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाई। आंकड़ों के मुताबिक, काशी में अप्रैल में सामान्य बारिश 6.2 मिमी होती है, लेकिन इस बार तीन चरणों में कुल 30 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। यही अतिरिक्त बारिश मई की शुरुआत में ठंडक का प्रमुख कारण बनी है, जिसने पूरे मौसम का मिजाज ही बदल दिया।