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सरल सावधानियों से बचा जा सकता है भीषण गर्मी के प्रभाव सेः डॉ. जितेंद्र सिंह

नईदिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज आम जनता को आश्वस्त किया कि मई महीने के दौरान अनुमानित या अपेक्षित गर्मी की स्थिति को लेकर घबराने की कोई बात नहीं है और मौसम पूर्वानुमान को सही ढंग से समझकर और दिन-प्रतिदिन की सरल सावधानियों का पालन करके किसी भी अनावश्यक प्रतिक्रिया से बचा जा सकता है।

अपने कार्यालय में मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यद्यपि कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान और लू की स्थिति देखी जा सकती है लेकिन यह स्थिति पूरे देश में एक समान नहीं है और समय पर तैयारी और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली सलाहों का पालन करके इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

आईएमडी द्वारा जारी नवीनतम मासिक पूर्वानुमान और आगे की अवधि के पूर्वानुमान का उल्‍लेख करते हुए मंत्री जी ने कहा कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है जबकि देश के बड़े हिस्से में इस महीने तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्वानुमान के अनुसार हिमालय की तलहटी, ओडिशा सहित पूर्वी तट के कुछ हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे तमिलनाडु, साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र में लू चलने की संभावना है, जिससे इन क्षेत्रों में सामान्य से लगभग 2-4 दिन अधिक लू चलने की आशंका है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बढ़े पूर्वानुमान के अनुसार बताया कि मई के दूसरे (8-14 मई) और चौथे (22-28 मई) सप्ताह में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी तट में लू चल सकती है। पहले और तीसरे सप्ताह (1-7 मई और 15-21 मई) के दौरान, पश्चिमी विक्षोभ और गरज के साथ होने वाली बारिश और बादलों के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।

मंत्री जी ने कहा कि कुछ समय के दौरान रात के तापमान में वृद्धि से उमस बढ़ सकती है, खासकर शहरी और तटीय क्षेत्रों में। पूर्वी तट, गुजरात और महाराष्ट्र में भी गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। उन्होंने वैश्विक जलवायु परिस्थितियों पर कहा कि वर्तमान में ईएनएसओ-तटस्थ स्थितियां बनी हुई हैं और दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान अल नीनो की स्थिति होने की संभावना है।

मंत्री ने कहा कि सरकार गर्मी से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्होंने पेयजल की उपलब्धता, सुचारू शीतलन व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। शिशुओं, बुजुर्गों और बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों सहित संवेदनशील समूहों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

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