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एक जून से बदल रहे हैं गैस सिलेंडर के नियम, अनदेखी की तो कट जाएगा कनेक्शन

डेस्क। अगर आपके घर में एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी (PNG Connection) पाइपलाइन दोनों हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार आगामी 1 जून से गैस कनेक्शन को लेकर बेहद कड़े नियम लागू करने जा रही है। नए नियमों के मुताबिक, जिन घरों में पीएनजी की सप्लाई शुरू हो चुकी है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। ऐसा न करने पर आपका एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए कैंसिल हो सकता है।

दरअसल, सरकार देश में रसोई गैस के दुरुपयोग और जमाखोरी को रोकना चाहती है। आंकड़े बताते हैं कि देश में पिछले 10 सालों में एलपीजी यूजर्स की संख्या दोगुनी होकर 33.5 करोड़ पहुंच गई है, जबकि पीएनजी का दायरा अभी सिर्फ 1.64 करोड़ घरों तक ही सीमित है।

कई लोग पीएनजी पाइपलाइन लेने के बाद भी एलपीजी सिलेंडर जमा करके रख रहे हैं। तेल कंपनियों ने अब ऐसे घरों की पहचान करने के लिए डिजिटल डेटाबेस को आपस में जोड़ दिया है। एक ही पते पर दोनों कनेक्शन रखना अब नियमों के खिलाफ माना जाएगा।

नए नियम के तहत, जिन इलाकों में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, वहां के लोग अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक या रिफिल नहीं करा पाएंगे। अगर आपने नया पीएनजी कनेक्शन लिया है, तो उसके 30 दिनों के भीतर आपको पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।

राहत की बात यह है कि अगर आप भविष्य में किसी ऐसे इलाके में शिफ्ट होते हैं जहां पीएनजी की सुविधा नहीं है, तो आप अपने पुराने सरेंडर किए गए एलपीजी कनेक्शन को दोबारा एक्टिव करवा सकेंगे। सरकार ने पीएनजी कनेक्शन विस्तार की समय-सीमा को बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया है।

सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने रिफिलिंग के दिनों में भी बदलाव किया है। अब शहरी ग्राहक 21 के बजाय 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे, जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए यह समय-सीमा 45 दिन तय की गई है।

इसके अलावा, हर परिवार को साल में मिलने वाले 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर का नियम जारी रहेगा। इससे ज्यादा सिलेंडर लेने पर आपको बाजार की मौजूदा कीमत के हिसाब से भुगतान करना होगा। साथ ही, अब नया कनेक्शन लेने पर आपको संशोधित सिक्योरिटी डिपॉजिट और इंस्टॉलेशन चार्ज देना होगा।

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