कोयला मंत्रालय ने स्वच्छता और दक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
नईदिल्ली। कोयला मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6.0' के लिए एक तैयारी बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार कस्सी ने की। इसमें कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और उसकी सहायक कंपनियों, एनएलसी इंडिया लिमिटेड, कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) और कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में आगामी अभियान की रूपरेखा बताई गई और उसके बाद इसके प्रमुख उद्देश्यों, ध्यान केंद्रित करने वाले क्षेत्रों और कार्यान्वयन रणनीति के बारे में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। अधिकारियों को विशेष अभियान 5.0 के दौरान कोयला मंत्रालय द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों और अपनाए गए बेहतरीन तरीकों के बारे में भी बताया गया। नोडल अधिकारियों को विशेष अभियान 6.0 के तहत तय की गई विभिन्न गतिविधियों और प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें इनके प्रति जागरूक किया गया।
विशेष अभियान 6.0 के मुख्य फोकस क्षेत्रों में ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान, कार्यालय स्थानों का विस्तार; आधुनिक सफाई पद्धतियों को अपनाना; स्क्रैप का कुशलतापूर्वक निपटान; कार्यालय स्थान का इष्टतम उपयोग; डिजिटलीकरण और पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को बढ़ावा देना; कचरे से धन सृजन; समावेशिता को बढ़ावा देना; नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना; और संस्थागत प्रोटोकॉल और तंत्र को मजबूत करना शामिल होगा।
डीएआरपीजी की विशेष अभियान 5.0 की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, कोयला मंत्रालय ने खाली किए गए स्थान के मामले में पहला स्थान और अर्जित राजस्व के मामले में तीसरा स्थान हासिल किया। विशेष अभियान 5.0 का सफल कार्यान्वयन स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता और कुशल संसाधन प्रबंधन के प्रति कोयला मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले अभियान की उपलब्धियां विशेष अभियान 6.0 के सफल और प्रभावशाली कार्यान्वयन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं।
तैयारी बैठक में मंत्रालय ने इस अभियान के लक्ष्यों को हासिल करने और स्वच्छता, कार्यस्थल की कार्यक्षमता, लंबित मामलों के समय पर निपटान और कुल मिलाकर प्रशासनिक प्रभावशीलता पर ठोस असर सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कोयला मंत्रालय इन पहलों को प्राथमिकता देना जारी रखेगा और साथ ही कामकाज की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा एक स्वच्छ, हरित, अधिक कुशल और सुव्यवस्थित कार्य-माहौल बनाने पर लगातार ध्यान केंद्रित करेगा।