दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्‍ट्र मंडल के गणेशोत्‍सव में होगी मराठी- हिंदी नाटकों की धूम

0- मुंबई के मराठी नाटक ‘आता थांबावयचं कसं‘, भोपाल के हिंदी नाटक ‘गगन की ओर निशाना’ के अलावा मंडल की नाट्य समिति के हिंदी नाटक ‘जस्टिस' का लुत्‍फ लेंगे रंगप्रेमी दर्शक

रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल के 90 वर्षों के गौरवशाली इतिहास वाले 10 दिवसीय गणेशोत्‍सव में इस बार हिंदी व मराठी के तीन नाटकों का धूम रहेगी। दक्षिण मध्‍य क्षेत्र सांस्‍कृतिक केंद्र नागपुर की ओर से पहली बार मुंबई के सुप्रसिद्ध कलाकारों की टीम मराठी नाटक ‘आता थांबावयचं कसं’ (अब रोकें कैसे?) का मंचन करेगी। वहीं भोपाल की भूमिका नाट्य समिति हिंदी नाटक ‘गगन की ओर निशाना’ मंचित करेगी। महाराष्‍ट्र मंडल की नाट्य समिति हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ का प्रयोग संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह के स्‍व. कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर करेगी।
 
मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि संदीप दंडवते द्वारा लिखित व निर्देशित ‘अब रोकें कैसे’ मराठी फिल्‍मों व टीवी सीरियल्‍स के जाने- माने कलाकारों से सजा और डिजिटल युग के गंभीर और ज्वलंत सामाजिक समस्या पर आधारित नाटक है। यह नाटक महाराष्‍ट्र मंडल गणेशोत्‍सव में 21 सितंबर को मंचित किया जाएगा। इस नाटक में साइबर क्राइम, सोशल मीडिया पर होने वाले लैंगिक शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर समस्याओं पर रोशनी डाली गई है। नाटक में सुप्रसिद्ध फिल्‍म स्‍टार डॉ. गिरीश ओक मनोवैज्ञानिक और पिता की मुख्य भूमिका में होंगे। वहीं ख्‍याति प्राप्‍त वरिष्‍ठ अभिनेत्री सुकन्या कुलकर्णी मोने पीड़िता की मां की भूमिका को जीवंत करेंगी। ऐश्वर्या शेटे, जान्हवी पणशीकर, आकाश पाटील के भूमिकाएं भी कहानी को गति प्रदान करेंगी। इसमें संगीतकार समीर म्हात्रे सेट डिजाइनर संदेश बेंद्रे की भी अह्म योगदान है।
 
परितोष डोनगांवकर के अनुसार भोपाल की नाट्य संस्‍था ‘भूमिका’ मंडल में 20 सितंबर को शाम 7:30 बजे ‘गगन की ओर निशाना’ मं‍चित करेगी। अहिल्या देवी होल्कर की जीवन गाथा पर आधारित नाटक के लेखक और निर्देशक गोपाल दुबे और संगीतकार संदीप शर्मा हैं। इस नाटक का यादगार अनुभव देने के लिए कलाकारों की वॉइस, स्पीच और डिक्शन मॉड्यूलेशन की विशेष थियेटर वर्कशॉप भी लगाया गया, जिसका प्रभाव महाराष्‍ट्र मंडल में नाटक के मंचन के दौरान दिखाई भी देगा। 
 
महाराष्‍ट्र मंडल की नाट्य समिति की ओर से पवन ओगले द्वारा लिखित और रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ मूलत: सस्‍पेंस- थ्रिलर नाटक है, जिसमें असली कातिल की पहचान करने की जद्दोजहद दिखाई गई है। चेतन दंडवते, पवन ओगले, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, समीर टल्‍लू, विनोद राखुंडे और अक्षदा मातुरकर के अभिनय से सजे ‘जस्टिस’ में अजय पोतदार पुराने हवेली का सेट खड़ा करेंगे। प्रवीण क्षीरसागर की प्रकाश व्‍यवस्‍था व परितोष डोनगांवकर का पार्श्‍व संगीत होगा। रंजन मोड़क के मुताबिक जस्टिस का मंचन संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह में 15 सितंबर को शाम की आरती के बाद 7:30 बजे होगा।