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नीतीश कुमार का सियासी सफर... पहली बार 7 दिनों के लिए बने थे बिहार के सीएम

डेस्क। नीतीश कुमार 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। साढ़े 17 महीने तक ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बिहार में चल सकी। अब फिर से एनडीए के साथ जदयू आई है और भाजपा के साथ सरकार में नीतीश कुमार ही फिर से मुख्यमंत्री बन रहे हैं।

नीतीश कुमार का जन्म बख्तियारपुर में हुआ था। नालंदा के हरनौत स्थित कल्याण बिगहा उनका पैतृक गांव है। नीतीश कुमार इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल किए हुए हैं। जय प्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन में भी वो शामिल रहे।

24 साल पहले तीन मार्च, 2000 को नीतीश कुमार ने पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, उनकी यह सरकार सात दिनों तक ही चल पाई। बहुमत का जुगाड़ नहीं हो पाने के कारण उन्होंने 10 मार्च, 2000 को इस्तीफा दे दिया। दूसरी बार वे पूरे बहुमत के साथ नवंबर 2005 में एनडीए सरकार के मुखिया बने। तीसरी बार पांच साल बाद हुए 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए एक बार फिर भारी बहुमत से सत्ता में आया और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।

जदयू ने वर्ष 2013 में भाजपा से नाता तोड़ लिया था। 2013 में बिहार की सियासत में बड़ी दरार आयी जब नीतीश कुमार भाजपा से अलग हो गए और जदयू एनडीए से अलग हो गयी। लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। नीतीश कुमार भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए, लेकिन लोकसभा चुनाव 2014 में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेवारी लेकर उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। नीतीश कुमार ने वर्ष 2014 में बड़ा फैसला लिया था और जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया था।

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