“मिशन उत्कर्ष”..... 5 आकांक्षी जिलों को किया जाएगा शामिल... 94 हजार से ज्यादा किशोरियां होंगी लाभान्वित
नईदिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और आयुष मंत्रालय ने किशोरियों के पोषण में सुधार करने के लिए सहयोग पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया। स्मृति जुबिन इरानी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन, जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसकी शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर, आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच 'मिशन उत्कर्ष' के अंतर्गत पांच जिलों में आयुर्वेदिक मध्यवर्तन के माध्यम से किशोरियों में एनीमिया को नियंत्रित करने के लिए एक परियोजना को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया गया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने कहा कि उनका मंत्रालय किशोरियों के बीच पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजिज ( पीसीओडी ) में योग जैसा प्रभावी मध्यवर्तन करने के लिए आयुष मंत्रालय और आईसीएमआर के साथ एक संयुक्त अभियान चलाएगा। केंद्रीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि भारत न्यूनतम प्रतिकूल प्रभावों को बेहतर ईलाज प्रदान करने के लिए लागत प्रभावी और स्वादिष्ट आयुष दवाएं देते हुए एनीमिया की रोकथाम करने के लिए एक नेतृत्व प्रदान कर सकता है।
उन्होंने पोषण की समस्या का समाधान करने के लिए देश के 18 मंत्रालयों को एक साथ आने पर भी प्रकाश डाला ईरानी ने यह भी उल्लेख किया कि आईसीएमआर द्वारा पहली बार आयुष मध्यवर्तन का मूल्यांकन किया जा रहा है। एक सकारात्मक परिणाम इस मध्यवर्तन को पूरे देश और विदेश में शुरू करने की अनुमति प्रदान करेगा। यह मूल्यांकन एम्स जैसे देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों द्वारा किया जा रहा है जो इस अध्ययन को उत्कृष्ट विश्वसनीयता प्रदान करते हैं।