रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने वाडिनार, द्वारका (गुजरात) में आईसीजी जेट्टी का उद्घाटन किया
नईदिल्ली। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की वाडिनार जेट्टी का उद्घाटन किया, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पश्चिम) में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक अहम कदम है। इस जेट्टी का निर्माण दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (डीपीए) द्वारा 74 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। रक्षा राज्य मंत्री ने अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय समुद्री हितों की सुरक्षा में आईसीजी द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल द्वारा निर्मित ये वाडिनार जेट्टी (घाट) इस क्षेत्र के भू-रणनीतिक महत्व को और बढ़ाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ये जेट्टी विशेष आर्थिक क्षेत्र और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा में तैनात अन्य तटरक्षक स्टेशनों की परिचालन यात्राओं के दौरान भारतीय तटरक्षक जहाजों को रुकने की सुविधा प्रदान करेगी। ये तटरक्षक बल को हर मौसम में काम करने और तटीय सुरक्षा संचालन एवं अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर तैनाती को बढ़ाने के लिए आपात स्थिति के दौरान जहाजों की तैनाती में सक्षम बनाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ये जेट्टी भारतीय नौसेना के जहाजों को डेकिंग और बर्थिंग की सुविधाएं प्रदान कर सकता है।
भारतीय तटरक्षक बल का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। भारतीय तटरक्षक महानिदेशक गांधीनगर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और पोर्टब्लेयर स्थित पांच आईसीजी क्षेत्रीय मुख्यालयों के जरिए इस संगठन की कमान संभालते हैं ताकि हमारे विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में समुद्री सुरक्षा और रक्षा, निगरानी जैसे विभिन्न अनिवार्य कार्यों का निर्वहन कर सकें तथा भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (आईएसआरआर) में संकट में फंसे नाविकों और मछुआरों को सहायता प्रदान कर सकें। आईसीजी क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तर पश्चिम) की स्थापना 16 दिसंबर, 2009 को गांधीनगर में की गई थी। ये गुजरात, दमन और दीव के समुद्री क्षेत्रों में आईसीजी के तय चार्टर को लागू करता है। गुजरात राज्य की तटरेखा 1215 किलोमीटर है, जो देश की कुल तटरेखा का छठा हिस्सा है और पाकिस्तान के साथ काल्पनिक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) साझा करता है।