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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेवल वॉर कॉलेज, गोवा में नए प्रशासनिक और प्रशिक्षण भवन का किया उद्घाटन

नईदिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  नेवल वॉर कॉलेज (एनडब्ल्यूसी)गोवा में नए प्रशासनिक और प्रशिक्षण भवन का उद्घाटन किया। 'चोलनाम की आधुनिक इमारत, प्राचीन भारत के चोल राजवंश के शक्तिशाली समुद्री साम्राज्य के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने नौसेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि नौसेना ने विश्व स्तरीय अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई है, जो दुनिया की समुद्री शक्तियों के बीच भारत की प्रतिष्ठा के अनुरूप है।

राजनाथ सिंह ने चोल भवन को नौसेना की आकांक्षाओं और भारत की समुद्री उत्कृष्टता की विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलने और देश की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत पर गौरवान्वित अनुभव करने की भारत की नई मानसिकता का भी प्रतिबिंब है- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से इसी प्राचीर से यही भाव व्‍यक्‍त किया था।

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के अंतर्गत खतरे की धारणा से निपटने में बदलाव के बारे में भी बात कीउन्‍होंने कहा कि अब भारत जमीन के साथ-साथ समुद्री चुनौतियों से भी निपट रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा, “पहलेलगभग सभी सरकारें देश की सीमाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित करती थींलेकिन समुद्री खतरों को उतना महत्व नहीं दिया जाता था।

हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में हमारे विरोधियों की बढ़ती आवाजाही और क्षेत्र के वाणिज्यिक महत्व को देखते हुएस्थिति का पुनर्मूल्यांकन और उसी के अनुरूप हमारे सैन्य संसाधनों और रणनीति को फिर से संतुलित करना आवश्यक था। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमने न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका की पुनर्कल्पना कीबल्कि इसे सुदृढ़ भी किया है।” उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण भारत, इस क्षेत्र में सर्वप्रथम प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाला और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार के रूप में उभरा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित समुद्री व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। ''भारत यह सुनिश्चित कर रहा है कि हिंद महासागर के सभी पड़ोसी देशों को उनकी स्वायत्तता और संप्रभुता की रक्षा में मदद की जाए। हमने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी इस क्षेत्र पर आधिपत्य स्थापित न करे।''

 

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