उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों का तनाव कम करने क्षेत्रीय भाषाओं में पुस्तकों का अनुवाद
2023-03-17 10:25 AM
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नईदिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में विगत पांच वर्षों में छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के 55 मामले सामने आए। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि छात्रों का अकादमिक तनाव को कम करने के लिए संस्थानों की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं। इनमें क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षण पाठ्यक्रम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने 12 क्षेत्रीय भाषाओं में टेक्निकल कोर्स की किताबों का अनुवाद शुरू किया है।

बतादें कि सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि 2018 से 2022 के दौरान पांच साल में आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों में 55 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद एल हनुमंथैया ने आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर केंद्र से सवाल पूछा था. इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा ने यह आंकड़े पेश किए।
उन्होंने बताया कि 2018 में ऐसी घटनाओं की संख्या 11 रही जबकि 2019 में 16, 2020 में पांच, 2021 में सात और 2022 में 16 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। सरकार ने बताया कि 2023 में अब तक ऐसे छह मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा तैयार की गई राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम कार्ययोजना को लागू किया है।