दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘फेसबुक और इंस्टाग्राम’ को रखा टेबल पर... टिशू पेपर क्राफ्ट में नजर आई क्रिएटिविटी

- अवंती विहार महिला केंद्र ने रोचक गेम्स के बीच मनाया हल्दी-कुंकू

- मेरी संस्कृति, मेरा गौरवपर महिलाओं ने खुलकर रखें विचार

रायपुर। आज की भागमभाग जिंदगी के बीच सोशल मीडिया यानी फेसबुक और इंस्टाग्राम हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। दो दशक पहले इनके बिना भी जीवन बहुत अच्छा था। इस बीच अपने पुराने दिनों को याद करते हुए महाराष्ट्र मंडल की अवंती विहार महिला केंद्र की महिलाओं ने अपने हल्दी-कुंकू के आयोजन में मोबाइल फोन यानी सोशल मीडिया को टेबल पर रखा और टिशू पेपर से शानदार क्राफ्ट बनाये। जिसमें सदस्यों की क्रिएटिविटी नजर आई। किसी ने सुंदर फूल बनाए तो किसी ने गणेश जी को साकार रुप दिया। वहीं मेरी संस्कृति, मेरा गौरव पर सभी महिलाओं ने भारतीय और सनातन संस्कृति पर अपने-अपने विचार रखें।

अवंती विहार केंद्र की संयोजिका सुदेशना मेने ने बताया कि शनिवार 18 अप्रैल को केंद्र का हल्दी-कुंकू का आयोजित किया गया। जिसमें मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल, केंद्र की वरिष्ठ सदस्या अनिता नलगुंडवार और सड्डू-मोवा केंद्र की संयोजिका शालिनी जोशी विशेष रुप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन और संस्कृत के श्लोक के साथ की गई। जिसके बाद सदस्या लक्ष्मी जिल्हारे ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। अनुया तुमबड़े ने चैत्र गौरी के महत्व पर जानकारी दी।

सुदेशना नेने ने बताया कि आज हम सोशल मीडिया से ज्यादा समय व्यतीत करते हैं, ऐसे में हमने फेसबुक और इंस्टाग्राम को दूर रखकर टिशू पेपर क्राफ्ट की एक छोटी सी प्रतियोगिता रखी। जिसमें सभी महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।  सभी ने टिशू पेपर से सुंदर सुंदर डिजाइन और क्राफ्ट तैयार किए। मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल ने सुंदर गणेशजी को साकार कर स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अनुजा बोराडे ने मुखौटा बनाकर द्वितीय और अनघा असवाले ने फ्लावर बनाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। अन्य क्राफ्ट फ्लावर, तितली, बतख, मुखौटा भी काफी सुंदर थे।

सुदेशना ने आगे बताया कि इसी क्रम में हमने मेरी संस्कृति, मेरा गौरवका आयोजन किया। जिसमें प्रतिभागियों को दी गई विषय वस्तु के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर अपने विचार रखने थे। इसके लिए सर्वप्रथम टेबल पर कुछ विषय वस्तु जैसे ओम, स्वास्तिक,  कमल, दीया, माला, गाय, तुलसी, शुभलाभ, शंख, घंटा लिखकर रखा गया। सभी ने अपने से पर्ची उठाई और उस विषय वस्तु पर होला। छाया ताई भावलकर ने कमल के पुष्प पर अपने विचार रखते हुए कहा कि कमल कीचड़ पर उगता  है, कमल हमें यह संदेश देता है कि आसपास का वातारण कितना भी दूषित रहो लेकिन हमें हमेशा कमल की तरह रहना है और लोगों को प्रेरणा देना है। अपने विचार के साथ छाया ताई ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी तरह गाय पर विचार व्यक्त हुए अनुजा बोराडे द्वितीय और अनघा असवले तीसरे स्थान पर रहीं। सभी ने बड़े उत्साह और खुशी के साथ इसमें भाग लिया।

इस अवसर पर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाना चाहिए। उसके लिए हमारे महाराष्ट्र मंडल की ओर से सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी जानी चाहिए। कार्यक्रम में दिवंगत पार्श्व गायिका आशा भोसले को संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई। इस तरह अवंति विहार केंद्र का कार्यक्रम हर्ष और उल्लास से भरे माहौल में संपन्न हुआ। हमेशा की तरह सभी सदस्यों ने हनुमान चालीसा और राम रक्षा का पाठ किया।

कार्यक्रम में संयोजिका सुदेशना मेने, सह संयोजिका जागृति भाकरे, शुभदा चौधरी, पूजा भंडारी, गीता दलाल, अनिता नलगुंडवार, शालिनी जोशी, गीता हाटे, अनुजा बोराडे, भारती कुर्वे, निशा उमाठे, अनुया तुम्बडे, शीला चौधरी, सविता महाजन, भारती देवरनकर, छाया भावलकर, लक्ष्मी जिल्लारे, प्रीति गुर्जर, अनघा असावले, नीतू वोडतिलवार, जयश्री ब्रह्मणकर, आनंदी ब्रह्मणकर, कामिनी भंडारी, मंजू सुतावने और मीना इंगलीकर उपस्थित थीं।