रायपुर

24 बरस में 5700 से डेढ़ लाख करोड़ रुपये पहुंचा छत्तीसगढ़ का बजट

रायपुर। मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ को राज्य बने 25 साल से अधिक हो गए। इस साल वार्षिक बजट का आकार पौने दो लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है, यानी करीब 30 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। जाहिर है, आने वाले साल में बजट लगभग दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगा। मूल बजट के अलावा हर साल अनुपूरक बजट भी पेश होते रहे हैं, इसलिए सालाना आंकड़ा तेजी से उछले हैं। राज्य बनने के बाद बजट 5700 करोड़ रुपये से शुरू हुआ था।

बता दें कि 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग कर छत्तीसगढ़ नया राज्य बनाया गया, जिसके बाद कांग्रेस नेता अजीत जोगी के नेतृत्व में राज्य की पहली सरकार बनी थी। तब से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के बजट का इतिहास दिलचस्प रहा है। छत्तीसगढ़ के ज्यादातर बजट मुख्यमंत्री ने ही पेश किए हैं। छत्तीसगढ़ के इन 25 सालों के इतिहास पर एक नजर डालें तो कोरिया राजघराने से तालुक रखने वाले स्व. डॉ. रामचंद्र सिंहदेव राज्य के पहले वित्त मंत्री थे।

डॉ. रामचंद्र सिंहदेव ने बतौर वित्त मंत्री 3 बार छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया था। रामचंद्र सिंहदेव ने 2001-02 में कुल 7 हजार 294 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। 2002-03 तक में 8 हजार 471 करोड़ के आम बजट के साथ एक अनुपूरक बजट पेश किया था। 2003-04 तक में 9 हजार 978 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। साथ ही दो अनुपूरक बजट भी पेश किया गया था। उसके बाद भाजपा सरकार आने पर 15 साल तक बजट के आकार में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। फिर 2019-24 तक भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने पांच साल बजट पेश किया।

डॉ. रमन सिंह ने 12 बार बजट पेश किया
2007 में रमन सिंह ने अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। 2007 से लेकर 2018 तक रमन सिंह ने वित्त विभाग को अपने पास रखा और हर साल बतौर सीएम वे बजट पेश करते रहे। इस तरह डॉ. रमन सिंह ने कुल 12 बार बजट पेश किया। 2018-19 में अंतिम बजट पेश किया। उनके कार्यकाल के दौरान बजट में मूल रूप से अधोसंरचना विकास पर फोकस रहा। कुछ समय तक अमर अग्रवाल भी छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री थे।

हर वर्ग को प्रदेश सरकार ने लाभ पहुंचाया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस वर्ष का बजट भी जनकल्याणकारी और सर्व समावेशी बजट होगा। हमारी सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को सरकार ने लाभ पहुंचाया है। नए बजट में अटलजी के छत्तीसगढ़ निर्माण के संकल्प को पूरा करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इस सत्र में कई नए विधेयक भी आएंगे। विधानसभा के दौरान पक्ष-विपक्ष के साथी प्रदेश के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे।