पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में 18 दिवसीय सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यशाला का समापन
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित 18 दिवसीय सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यशाला का आज सफल समापन हुआ। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर (CGEDC) द्वारा संचालित की गई, जो कि वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII), अहमदाबाद की एक संयुक्त पहल है।
कार्यक्रम में बतौर अतिथि एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII) से मुकुल वेदी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. लुकेश्वर सिंह गजपाल, प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्ययन एवं शोध विभाग तथा एनएसएस समन्वयक, तथा प्रो. राजीव चौधरी, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर एवं भौतिक शिक्षा विभाग ने छात्रों को मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में VikaasGarh के संस्थापक मेराज मीर और सह-संस्थापक सानिया शेख ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें उद्यमिता की व्यावहारिक जानकारी दी।
18 दिवसीय इस कार्यशाला में छात्रों को उद्यमिता के मूल सिद्धांतों, आइडिया जेनरेशन, मार्केट रिसर्च, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, यूआई/यूएक्स अवधारणाएं, मार्केटिंग रणनीतियाँ, और बिजनेस रजिस्ट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दौरान छात्रों को इंडस्ट्रियल विज़िट का अवसर भी मिला, जिससे उन्हें व्यवसायिक दुनिया की वास्तविक समझ प्राप्त हुई।
कार्यशाला की एक उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि कई छात्रों ने उद्यम पंजीयन (Udyam Registration) भी पूर्ण किया, जो उनके व्यवसायिक सफर की शुरुआत को दर्शाता है। समापन समारोह में वक्ताओं ने छात्रों को नवाचार के प्रति जागरूक रहने और अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया व्यवसाय भी सही मार्गदर्शन और प्रयास से बड़ी ऊंचाइयाँ छू सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को स्वरोज़गार के लिए सक्षम बनाना और प्रदेश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देना रहा, जिसे इस कार्यशाला ने सफलतापूर्वक पूरा किया।