पद्मश्री हास्यकवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का निधन... साहित्य जगत में शोक की लहर
रायपुर। देश के प्रसिद्ध हास्यकवि और व्यंग्यकार पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे का निधन हो गया है। वे लंबे समय से एसीआई अस्पताल, रायपुर में भर्ती थे और आज दोपहर हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे का निधन साहित्य जगत के लिए बड़ी क्षति है। ठीक एक साल पहले रंगकर्मी जलील रिजवी का भी आज ही के दिन निधन हुआ था। महाराष्ट्र मंडल परिवार डॉ. सुरेन्द्र दुबे को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
बतादें कि 8 जनवरी 1953 को दुर्ग जिले के बेमेतरा में जन्मे डॉ. दुबे, पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक थे, लेकिन पूरे देश में वे अपनी चुटीली हास्य कविताओं और व्यंग्य शैली के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने अब तक 5 किताबें लिखीं, और देशभर के मंचों के साथ-साथ टीवी शोज़ में भी खूब सराहना पाई।
वर्ष 2010 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। इससे पहले 2008 में उन्हें काका हाथरसी हास्य रत्न पुरस्कार भी मिला था। डॉ. दुबे के निधन से साहित्य, मंचीय कला और व्यंग्य विधा को गहरा आघात पहुँचा है। उनके निधन की खबर से साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके प्रशंसक, साथी कलाकार और साहित्य प्रेमी उन्हें याद कर रहे हैं।