रायपुर

रत्न आभूषण उद्योग में भविष्य बनाने का सुनहरा अवसर

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के भू-विज्ञान एवं जल संसाधन प्रबंधन अध्ययनशाला में, नई शिक्षा नीति और नेशनल स्किल क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क के विज़न के अनुरूप, परंपरागत रत्न एवं आभूषण उद्योग में हो रहे टेक्नोलॉजी परिवर्तन के ट्रांज़िशन फेज के दौरान मौजूद स्किल गैप को पूरा करने के उद्देश्य से त्रि-वर्षीय, मल्टी लेवल एग्जिट प्रोग्राम – B.Voc. in Gem & Jewellery Industry Profession प्रारंभ किया गया है।

रविवि के भू-विज्ञान एवं जल संसाधन प्रबंधन अध्ययन शाला के प्राध्यापक और पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. निनाद बोधनकर ने बताया कि प्रवेश की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। प्रवेश के इच्छुछ अभ्यर्थी विभागाध्यक्ष, भू-विज्ञान एवं जल संसाधन प्रबंधन अध्ययनशाला, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में संपर्क कर सकते है।

भारत का रत्न आभूषण उद्योग विश्व बाजार में अपनी उत्कृष्टता और विशालता के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में रत्न पहचान, डायमंड ग्रेडिंग, रत्न कटिंग एवं पॉलिशिंग, ज्वैलरी डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल, सेल्स एवं मार्केटिंग मैनेजमेंट जैसे अनेक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।

इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त करेंगे बल्कि उद्योग के बदलते वैश्विक मानकों के अनुरूप व्यावहारिक दक्षता भी हासिल करेंगे। यह कोर्स रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमितातीनों ही मार्गों को खोलता है।

विशेष बात: इस कार्यक्रम में किसी भी विषय के साथ 12वीं पास विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। यह कोर्स मल्टी लेवल एग्जिट सिस्टम पर आधारित है, जिससे विद्यार्थी 1, 2 या 3 वर्ष में डिप्लोमा, एडवांसड डिप्लोमा या डिग्री लेकर अपना करियर शुरू कर सकते हैं।