रायपुर

डिजिटल मेंटल हेल्थ वर्तमान दौर की मुख्य स्वास्थ्य चुनौतियों में से एकः राज्यपाल

 रायपुर। डिजिटल मेंटल हेल्थ वर्तमान दौर की मुख्य स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। आज संपूर्ण मानव समुदाय इस समस्या से जूझ रहे हैं। खास बात यह है कि वर्तमान दौर के सारे गैजेट्स और इंटरनेट हर उम्र के व्यक्तियों के डिजिटल मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर रहा है। यहां तक एक छोटी सी उम्र का बच्चा भी इस समस्या से जूझ रहा है। डिजिटल गैजेट्स ने हमारे जीवन को आसान बनाया तो है, लेकिन दूसरी ओर यह लत भी है। जरूरत इस बात की है कि हर व्यक्ति को पहचानना होगा कि डिजिटल गैजेट्स की जरूरत उसकी कहां तक है, कहीं वह इसका आदि तो नहीं हो गया है। विकराल रूप लेती इस मानसिक समस्या से जूझने के लिए हम सबको आगे आना होगा। उक्ताशय के विचार छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका ने डिजिटल मेंटल हेल्थ विषय पर आयोजित वर्कशॉप में चीफ गेस्ट की आसंदी से व्यक्त किए।

11 अगस्त को रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप पोस्ट गे्रजुएट इंस्टीटयूट आफ बिहैवियर एंड मेडिकल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित था। कार्यकर्म के शुरुवात में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल ने राज्यपाल महोदय का स्वागत किया। मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर प्रीति के. सुरेश ने कार्यक्रम के रूपरेखा पर विस्तृत प्रकाश डाला।  स्वागत उद्बोधन में अपने विचार व्यक्त करते हुए कुलपति ने कहा कि डिजिटल मेंटल हेल्थ संबंधित समस्याओं से सामान्यतः पढ़े-लिखे उच्च शिक्षित वर्ग जल्दी गिरफत में आज जाते हैं। डिजिटल के विशाल दुनिया में अपने जरूरत के डेटा से गुजरते हुए अनवांटेड डेटा के हम कब शिकार हो जाते हैं, पता ही नहीं चल पाता है। इसलिए प्रोफेशनल्स को कुछ अधिक सर्तकता इस क्षेत्र में बरतनी होगी।

वर्कशॉप के मुख्य वक्ता संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक मानसिक शक्ति फांउडेश न के डाॅ. अमरेष श्रीवास्वत ने बड़े ही सारगर्भित तथ्यों के साथ कहा कि डिजिटल गैजेट्स के स्क्रीन टाइम को वास्तविक जीवन के गतिविधियों में बदलना होगा। यह आसान कार्य नहीं है। धैर्य के साथ इसमें अभ्यास की जरूरत होगी। ऐसे कार्य करें जो आपको खुशी और संतुष्टि देते हों। जीवन को आनलाइन की बजाए आफलाइन बनाने की कोशिश करें। बेहतर मानसिक स्वास्थ्य और कम चिंता वाली जीवन के साथ रिश्तों की बागडोर को मजबूत बनाने को कोशिश करें। 

कार्यक्रम के अंत में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अंबर व्यास ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन भी इस डिजिटल मेंटल हेल्थ के प्रति सर्तक है और संस्थान के छात्र-छात्राओं के लिए इस विषय पर लगातार जागरूक बनाने की दिशा में अग्रसर है।  इस अवसर पर शोध छात्र अरुण कुमार पटेल को सिकल सेल के मापन आधारित मापन डिज़ाइन  डिवाइस बनाने हेतु सम्मानित किया गया। वहीं छात्र शिव कुमार महोबिया को लाइब्रेरी एप डिजाइन हेतु भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता को विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस वर्कशॉप में उच्च शिक्षा से जुड़े प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।