रायपुर। रायपुर में सूदखोरी, जबरन वसूली, मारपीट और आम्र्स एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में फरार चल रहे वीरेंद्र और रोहित तोमर को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। बुधवार को सेशन कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
वीरेंद्र और रोहित तोमर पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले दो महीनों से ये दोनों भाई फरार हैं। रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
पुलिस द्वारा लगातार फरार रहने की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश पर कलेक्टर को निर्देश भेजा गया है, जिसकी जिम्मेदारी तहसीलदार प्रवीण परमार को सौंपी गई है। कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में भाठागांव स्थित ‘साईं विला’ मकान व जमीन समेत राजधानी के आसपास की तीन अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
इस आदेश पर तोमर बंधुओं के वकील ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने 18 अगस्त को कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसकी सुनवाई 20 अगस्त को होनी थी। ऐसे में पक्ष को सुने बिना कुर्की आदेश देना न्यायसंगत नहीं है। इस आपत्ति पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होनी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत की अगली सुनवाई में कुर्की की प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी