रायपुर

‘श्रीअन्न’ के सेवन से जीवन शैली के कारण होने वाले रोगों से बचाव संभवः डॉ. खादर वली

रायपुर। बद्री प्रसाद लोधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आरंग के विज्ञान विभाग द्वारा 15 सितंबर को छत्तीसगढ़  रजत  जयंती  महोत्सव के अंतर्गत मिलेट्स: भविष्य का एक चमत्कारिक खाद्य पदार्थविषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मिलेट्स प्रचारक एवं प्रख्यात खाद्य वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ. खादर वली , जलफल  तथा डॉ किरण उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अभया रा. जोगलेकर के नेतृत्व में हुआ। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के पश्चात् अतिथियों का  पुष्पगुच्छ  से  स्वागत किया गया। डॉ इंदु सोनी ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की बदलती जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान के बीच मिलेट्स मानव जीवन को स्वस्थ एवं सशक्त बनाने में अद्वितीय भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. खादर वली ने अपने विचार रखते हुए बताया कि मोटे अनाज अथवा मिलेट्स वास्तव में भविष्य का अन्नहैं। इन्होंने बताया कि श्रीअन्न से हम न केवल हमारे पूर्वजों की आहार परंपरा को सुरक्षित रखा है, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए भी यह जीवनदायी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि दैनिक  आहार में  मिलेट्स अम्बाली एक अच्छा विकल्प होगा। डा. खादर वली ने कहा कि मिलेट्स  के  में प्रचुर मात्रा में फाइबर, खनिज तत्व, प्रोटीन एवं आवश्यक अमीनो अम्ल पाए जाते हैंजो हमारे गट के स्वास्थ्य को बनाने में मदद करते हैं, जिसके कारण पेट में अच्छे बैक्टेरिया बढ़ेंगे, जो न केवल शरीर की इम्युनिटी बढ़ायेंगे  बल्कि  आधुनिक जीवनशैली संबंधी रोगों जैसे मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप एवं कैंसर रोग से बचाव में सहायक होंगे।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ  अभया आर. जोगलेकर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय  में,विशेष रूप से  बच्चों  एवं बड़ों में  मोटापा गंभीर चुनौति बन गया है इससे निपटने  के लिये मिलेट्स को आहार का हिस्सा बनाना आवश्यक है। दैनिक आहार में  तेल, शक्कर, प्रोसेस फूड का  सेवन कम करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे न केवल स्वयं मिलेट्स का उपयोग करें बल्कि समाज में भी इसके महत्व का प्रचार-प्रसार करें।

कार्यक्रम में  डॉ वत्सला मिश्रा,डॉ  साधना दीक्षित, डॉ लाल, डॉ  भावना, रीना ध्रुव, व  अन्य प्राध्यापक उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. इंदु  सोनी ने किया तथा आभार प्रदर्शन  प्रो. विभा सतपथी द्वारा किया गया। अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे मिलेट्स को अपने जीवन में अपनाएंगे और इस भविष्य के चमत्कारिक खाद्य पदार्थके महत्व को आमजन तक पहुँचाने का कार्य करेंगे। यह संगोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई, बल्कि उपस्थित सभी के लिए प्रेरणादायी भी रही।