उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 17 सितम्बर को 'स्वच्छोत्सव' के रूप में मनाने का किया आह्वान
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर 17 सितम्बर को ‘‘स्वच्छोत्सव‘‘ के रूप में मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में "स्वच्छता ही सेवा” अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन का भी अनुरोध किया है।
उप मुख्यमंत्री साव ने अपने पत्र में सभी महापौरों और अध्यक्षों को कहा है कि स्वच्छता हमारी संस्कृति और संस्कार का प्रतीक रहा है। हमारे स्वभाव और संस्कार में स्वच्छता की जड़ें प्राचीन समय से जुड़ी हुई हैं। स्वच्छता वह संस्कार है, जो हमें हमारे पूर्वजों से मिला है, जो हमारी युवा पीढ़ी को उनके भविष्य और समाज को स्वस्थ तथा अपने नगरों की स्वच्छ छवि की पहचान प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
साव ने पत्र में लिखा है कि यह मेरे लिए गौरव का विषय है कि राज्य के नगरीय निकायों ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय पटल पर स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया है एवं समस्त राज्यों के मध्य छत्तीसगढ़ ने अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। जहाँ एक ओर हमारे तीन शहरों अम्बिकापुर, पाटन एवं बिश्रामपुर ने देश के स्वच्छतम 23 शहरों की "सुपर स्वच्छ लीग” में स्थान प्राप्त करते हुए महामहिम राष्ट्रपति महोदया से पुरस्कार प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर हमारे तीन अन्य शहर बिलासपुर, कुम्हारी एवं बिल्हा ने अपनी-अपनी जनसंख्या श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति महोदया से "स्वच्छ शहर" का पुरस्कार प्राप्त किया है। साथ ही राजधानी रायपुर को केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा "प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर" का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
उप मुख्यमंत्री साव ने पत्र में बताया है कि स्वच्छतम शहरों की इस भावना को आधारशिला बनाते हुए हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी "स्वच्छता ही सेवा-2025” अभियान (17 सितम्बर से 2 अक्टूबर, 2025) का आयोजन किया जा रहा है। गत वर्षों की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए हम सब मिलकर वर्ष 2025 में स्वच्छता ही सेवा अभियान को एक जन उत्सव बनाने जा रहे हैं। अभियान हेतु इस वर्ष भारत सरकार द्वारा "स्वच्छोत्सव : स्वच्छ एवं हरित उत्सव” का थीम निर्धारित किया गया है, जो हमें हमारे त्यौहारों एवं उत्सवों में स्वच्छता एवं पर्यावरण अनुकूल, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट मुक्त शहरों की परिकल्पना प्रदान करती है।