कस्टम मिलिंग स्कैम: दीपेन चावड़ा के खिलाफ 20 करोड़ की अवैध वसूली के साक्ष्य, EOW ने न्यायालय में पेश किया चालान
2025-12-10 11:19 AM
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रायपुर । राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा जांच किए जा रहे बहुचर्चित कस्टम मिलिंग स्कैम में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस घोटाले से जुड़े प्रमुख आरोपी दीपेन चावड़ा के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर चालान तैयार करते हुए 9 दिसंबर 2025 को रायपुर के विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के समक्ष प्रस्तुत किया है।
दीपेन चावड़ा को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। वह छत्तीसगढ़ के चर्चित कारोबारी और राजनीतिक संबंधों वाले आरोपी अनवर ढेबर का नजदीकी सहयोगी माना जाता है। ईओडब्ल्यू ने जांच के दौरान यह भी पाया है कि दीपेन चावड़ा राज्य में आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों में गहरे रूप से शामिल रहा है और लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध धनराशि के प्रबंधन में उसकी भूमिका सामने आई है।
कस्टम मिलिंग स्कैम में 20 करोड़ की अवैध वसूली के सबूत
जांच एजेंसी के अनुसार, कस्टम मिलिंग घोटाले में दीपेन चावड़ा की भूमिका बेहद गंभीर है। उसके खिलाफ प्राप्त साक्ष्यों से पता चला है कि उसने लोकसेवकों की ओर से लगभग 20 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की। जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के माध्यम से चावड़ा ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं को संचालित किया और अवैध राशि के लेन-देन में मुख्य भूमिका निभाई।
यह वही घोटाला है जिसमें फरवरी 2025 में तत्कालीन प्रबंध संचालक मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर के खिलाफ चालान प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में इस मामले की जांच और आगे बढ़ी, जिसके तहत अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के खिलाफ भी विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया था।
ईओडब्ल्यू ने मजबूत साक्ष्यों के आधार पर पेश किया चालान
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि दीपेन चावड़ा की डिजिटल जानकारी, बैंक खातों की जांच, गवाहों के बयान और वित्तीय दस्तावेजों में मिली जानकारी से यह स्पष्ट हुआ है कि वह कस्टम मिलिंग स्कैम के संचालन में अहम कड़ी था। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त प्रमाण प्राप्त होने के बाद ही आज न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया है।
कस्टम मिलिंग स्कैम में अवैध लेनदेन के रिकॉर्ड, कालाधन के नेटवर्क, फर्जी बिलिंग और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग जैसे कई पहलू शामिल हैं। यह घोटाला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े आर्थिक अपराधों में गिना जा रहा है, जिस पर राज्य की आर्थिक अपराध शाखा लगातार कार्रवाई कर रही है।
पहले से ही कई मामलों में घिरा है दीपेन चावड़ा
गौरतलब है कि दीपेन चावड़ा ईओडब्ल्यू में दर्ज अन्य मामलों में भी अभियुक्त है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह अवैध धनराशि के परिसंचरण और प्रबंधन के बड़े नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाता था। कई मामलों में उसके खिलाफ आय, संपत्ति और निवेश के रूप में मिली संदिग्ध संपत्तियों के लिंक भी सामने आ चुके हैं।