मध्यप्रदेश ऐसे विकास पथ पर, जहां नीति, पूंजी और मानव संसाधन मिलकर कर रहे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2026-01-31 12:05 PM
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मध्यप्रदेश|मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार का मूल दायित्व जनकल्याण के साथ ऐसी विकास नीतियां तैयार करना है, जिनका अधिकतम लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मध्यप्रदेश में अधिकाधिक युवाओं को रोजगार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और औद्योगिक संगठनो के सहयोग से मध्यप्रदेश आज एक ऐसे विकास पथ पर बढ़ रहा है, जहां नीति, पूंजी और मानव संसाधन - तीनों एक ही दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निवेश आकर्षित करने के मामले में आज देश में तीसरे स्थान पर है। यहां किए गए औद्योगिक नवाचार देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन रहे हैं। सबके सहयोग से आने वाले वर्षों में हमारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अग्रणी राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम भोपाल में निजी मीडिया समूह के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किया है। इस वर्ष कृषि-आधारित उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को आधुनिक समय की मांग के अनुरूप खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में मीडिया समूह के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत-अभिनंदन किया गया। समूह द्वारा मुख्यमंत्री को टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज पेपर के 25 मार्च 1965 को प्रकाशित अंक भेंट कर सम्मानित किया गया। यह तारीख मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जन्म तिथि है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के साथ ही प्रदेश का औद्योगिक विकास भी सरकार की प्राथमिकता है। नये उद्योगों की स्थापना से जहां प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, वहीं युवाओं को रोजगार मिलने से घर की आर्थिक स्थिति भी सुधरती है। यही हमारा लक्ष्य है और इसे हासिल करने के लिए हम प्राण-प्रण से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को स्थापना को सरल बनाने के लिए हमने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को कार्य व्यवहार में शामिल किया गया है। हमारी कोशिश है कि सरकार खुद हर कदम पर निवेशकों के साथ खड़ी दिखाई दे। कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए हम ऐसे निवेशकों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘द इकोनॉमिक टाइम्स चेंजमेकर्स ऑफ मध्यप्रदेश 2.0’ कार्यक्रम में सहभागिता की और प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित एक 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों सहित 15 नव उद्यमियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्मानित उद्योगपतियों ने न केवल मध्यप्रदेश में निवेश किया है, बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोले हैं। शिक्षा और चिकित्सा जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में इनका योगदान प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बना रहा है। समाज के ऐसे चेंजमेकर्स ही मध्यप्रदेश 2.0 की वास्तविक पहचान हैं।
इन उद्योगपतियों का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहिल ग्रुप के श्री विपिन कंधारी, नाना भाई ज्वेलर्स के श्री केतन सोनी, प्रेस्टीज ग्रुप के डॉ. दाविश जैन, अमलतास इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के श्री मयंक भदौरिया, मालवांचल यूनिवर्सिटी की डॉ. दीप्ती हाडा, मिलेनियम इंफ्रा के श्री अरूण मिश्रा, सार्थक सिंगापुर के श्री राधेश्याम गुप्ता, गरिमा ग्रुप ऑफ स्कूल के श्री संतोष बागोरा, आईएसबीए इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के श्री राजन मित्तल, सैफायर वेंचर्स के श्री अब्दुल ताहिर, लजीज हकीम के श्री मोहम्मद हुसैन, सागर ग्रुप के श्री सुधीर अग्रवाल, गेस्ट्रोकेयर के श्री संजय कुमार, शालिगराम डेवलपर्स के श्री देवेन्द्र चौकसे तथा कृष्णा होम्स के श्री मयंक कपूर को चेंजमेकर ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।