रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने प्रतिबंधित नशीली सामग्री के भण्डारण और बिक्री को लेकर न्यायालय का प्रतिषेधात्मक आदेश (Prohibitory Order) प्रसारित किया। इस आदेश का उद्देश्य अवैध नशे की खरीद-फरोख्त को रोकना और आम नागरिकों व दुकानदारों को कानून के प्रति जागरूक करना है। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के दिशा-निर्देश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान को और मजबूत करने के लिए
थानेदारों और पुलिस टीम को यह आदेश अनुपालन हेतु दिया गया। इसके तहत पुलिस ने हुक्का और अन्य प्रतिबंधित नशीली सामग्री के अवैध भण्डारण और बिक्री करने वालों के संबंध में पतासाजी करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। दिनांक 31 जनवरी 2026 को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उरला की अगुवाई में यह अभियान प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ।
इस दौरान थाना उरला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में हुक्का और नशीली सामग्री की बिक्री करने वाले दुकानदारों एवं आम नागरिकों को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की अवैध खरीद-बिक्री पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उन्हें कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा। पुलिस ने कहा कि अभियान का मकसद न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों को नशे की हानिकारक प्रवृत्ति से बचाना भी है। अधिकारीयों ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे किसी भी प्रकार की नशीली सामग्री की बिक्री न करें और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उरला पुलिस क्षेत्र में सक्रिय इस अभियान के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया कि अदालत द्वारा जारी आदेश का पालन हर हाल में किया जाए और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस टीम ने स्थानीय समुदाय से अपील की कि वे ऐसे मामलों में सहयोग करें ताकि नशे के व्यापार को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। इस अभियान के माध्यम से पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाना उनकी प्राथमिकता है और अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान अन्य क्षेत्रों में भी चलाए जाएंगे, जिससे राजधानी को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।