रायपुर

पार्किंग माफिया मशलपॉवर, नशे का कारोबार

रायपुर। रायपुर में हवाई अड्डा से लेकर बस स्टैंड औऱ रेलवे स्टेशन में पार्किंग माफिय़ाओं की फुल रंगदारी चल रही है। राजधानी में पार्किंग माफिया का बड़ा कारनामा पार्किंग स्थल के नाम पर खुलेआम दादागिरी कर रंगदारी टैक्स वसूली के साथ बेखौफ होकर नशीले पदार्थ गांजा, अफीम, चिट्टा, हेरोइन जैसे प्रतिबंधित वस्तु की सप्लाई का मु य केंद्र बना हुआ है। शहर के सारे नशेडिय़ों को ही नशे की सामग्री वितरण की जा रही है। इसका पु ता प्रमाण विगत दिनों पार्किंग स्थल से रायपुर पुलिस कमिशनर की कार्रवाई गिर ़तारी और नशीले पदार्थ की ज़ब्ती से यह स्पष्ट हो गया है कि मसल पावर पूरी तरीक़े से नशे के कारोबार में लिप्त है ।

पार्किंग माफिया वाहन पार्किंग की आड़ में नशे के अवैध काम को निरंतर जारी रखे हुए औऱ यह रसूखदारों के संरक्षण में निर्बाध रूप से सिलसिला चल रहा है नगर निगम रायपुर ने रायपुर को सर्वसुविधायुक्त बनाने स्मार्ट सिटी और अपने बजट से चार प्रमुख पार्किंग स्थलों का निर्माण किया था जिसका फायदा नसे के सौदागर उठा रहे है। निगम को पार्किंग स्थल बनाने में 58 करोड़ रुपए की लागत आयी थी और निगम को सालाना आय तीन करोड़ों से ज़्यादा का लक्ष्य अपने प्रस्ताव में निर्धारित किया था लेकिन नगर निगम की सभी संभावनाओं को पार्किंग माफिय़ाओं ने पानी फेर दिया, मात्र 36 लाख रुपया नगर निगम के खाते में जमा हो रहा है बाक़ी ऊपर की कमाई पार्किंग माफियाओं के लिए ही पर्याप्त है। पार्किंग माफियाओं की दादागिरी इस हद तक बढ़ गई है सुविधा नगण्य पार्किंग के लिए शेड निर्माण नहीं हुआ या पर्याप्त व्यवस्था नहीं और सुरक्षा वाहनों की नहीं की जाती। मनमाना पार्किंग चार्ज जनता से वसूला जाता है जिसके चलते रायपुर की जनता पार्किंग नियम का पालन भी नहीं कर रही है जिसका भुगतान नगर निगम को भारी घाटे के तौर पर देखा जा रहा है । करोड़ों के पार्किंग टैक्स वसूली जनता से लेकिन सरकार को जीएसटी शून्य।