रायपुर

राष्ट्रपति के अपमान पर भड़के मुख्यमंत्री साय, ममता बनर्जी को पत्र लिख कहा- यह करोड़ों आदिवासियों का अपमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक बेहद कड़ा पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति किए गए अशोभनीय व्यवहार पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और जनजातीय समाज की अस्मिता पर चोट करार दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्र में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक महिला मुख्यमंत्री द्वारा देश की प्रथम नागरिक और महिला राष्ट्रपति के साथ ऐसा व्यवहार करना अक्षम्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के बंगाल प्रवास के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का पालन नहीं किया गया और उनके कार्यक्रमों के स्थान को मनमाने ढंग से बदल दिया गया।  सीएम साय ने पत्र में तीखे सवाल दागते हुए कहा, आखिर जनजातीय समाज ने आपका क्या बिगाड़ा है? राष्ट्रपति को मूलभूत सुविधाओं तक से वंचित रखकर आपने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ का उल्लंघन किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में पश्चिम बंगाल के संदेशखाली कांड की याद दिलाते हुए ममता बनर्जी की आदिवासी-वंचित विरोधी मानसिकता पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वहां जनजातीय महिलाओं के साथ हुए अपराधों पर भी पश्चिम बंगाल सरकार का रवैया उदासीन रहा है, जो सर्वथा अनुचित है। सीएम साय ने आग्रह किया कि ममता बनर्जी सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति और देश से माफी मांगें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह पत्र राष्ट्रीय राजनीति में गरमाहट पैदा कर सकता है। छत्तीसगढ़ और बंगाल के बीच इस पत्र युद्ध के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया देगी। छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है और यहाँ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री होने के नाते विष्णु देव साय का यह रुख देश भर के जनजातीय समाज की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। राष्ट्रपति (जो स्वयं जनजातीय समाज से हैं) के अपमान को छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान से जोड़कर देखा जा रहा है।