रायपुर

रविवि में भाषा-भवन का शिलान्यास एवं नवाचार केंद्र का भव्य राज्यपाल ने किया उद्घाटन

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास समारोह एवं आइडियाथान : 2026 उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह  में  मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे नवाचार, कौशल विकास एवं लोक भाषायों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार मानव कल्याण केंद्रित होना चाहिए। आज तीन बड़ी समस्याएं हमारे सामने हैं, जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक एवं न्यूक्लियर हथियार। इनसे बचने के लिए हमें व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रयास करना चाहिए। इसी प्रकार भारतीय भाषाएं आपसी संबंधों को जोड़ने करने का सशक्त माध्यम हैं। यदि  मातृभाषी  दो व्यक्ति आपस में कहीं मिल जाए तो स्वाभाविक रूप से दोनों के भीतर भाषाई आत्मीयता जाग्रत होगी और वे दोनों आपस में बात करके प्रसन्न होंगे।

मातृभाषाओं  के महत्त्व को समझाते हुए छात्रों से उनका कहना था कि चीन अपने विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय की शिक्षा अपनी मातृभाषा मंदारिन में देता है, जिससे उनकी प्रगति और देश का विकास तीव्र गति से हो रहा है। हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी लोकभाषाओं को बढ़ावा दे रही है, उद्बोधन के अंत में उन्होंने सभी को अपनी निज मातृभाषा में फलने फूलने और आगे बढ़ने तथा विकास करते रहने के लिए प्रेरित किया,  साथ ही उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से समाज के लिए कुछ न कुछ अच्छे कार्य और सहयोग करते रहने का आग्रह किया जिसमें कोई डोनेशन नहीं बल्कि कंट्रीब्यूशन हो।

स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने कहा कि संत शदाराम साहिब भाषा भवन छत्तीसगढ़ के मुख्य शिक्षाकेन्द्र में स्थापित हो रहा है। इसे हम केन्द्र और राज्य शासन एवं समाज का सहयोग लेकर विश्वस्तर का  शिक्षा केंद्र बनाना चाह रहे हैं। हमारा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का गुणवत्ता पूर्ण ढंग से क्रियान्वयन करने, नवाचार एवं उच्च शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए कृत संकल्पित है।

राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद् नई दिल्ली से आए प्रो. सुनील बाबूराव कुलकर्णी ने अपने संबोधन में कहा कि सिंधी भाषा विकास परिषद् के सहयोग से यहां संचालित पाठ्यक्रम के लिए शिक्षकों की व्यवस्था तथा शोध के लिए परिषद् सहयोग करने हेतु तत्पर है। सिंधी भाषा संस्कृति के प्रोत्साहन हेतु अनेक परियोजनाओ की जानकारी साझा की तथा भारतीय लोक भाषाओं को बढ़ावा देने पर उन्होंने बल दिया।

शदाणी दरबार तीर्थ, रायपुर के वर्तमान पीठाधीश्वर संत श्री डॉ.युधिष्ठिर लाल जी संत शदाराम भाषा भवन के  शिलान्यास समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में  उपस्थित होकर कहा कि.प्रेम त्याग तथा सेवा इन तीन से व्यक्ति उपयोगी होता है । प्रेम से ईश्वर के लिए, सेवा से संसार के लिए तथा त्याग से स्वयं के लिए उपयोगी होता है ।  उन्होंने कहा कि जगन्नाथ धाम से लेकर केदारनाथ धाम तक तथा बद्रीनाथ से लेकर रामेश्वरम तक  हमारे सिंधी समाज के लोग विभिन्न प्रकार के सेवा कार्यों में लगे हुए हैं । उन्होंने कहा कि हमें और हमारे समाज के लोगों को कुछ नहीं चाहिए हम बस सेवा कार्य में अपनी सहभागिता देना चाहते हैं। आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में संत शदाराम साहिब भाषा भवन के  शिलान्यास भाषा संस्कृति के संरक्षण में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज के विद्यार्थिगण अधिक से अधिक अपनी  भाषा में पढ़ाई-लिखाई करें, समाज में अपना योगदान प्रदान करें और एक अच्छे नागरिक होने का कर्तव्य पालन करें।

इस कार्यक्रम में रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्र जी कि गरिमामय उपस्थिति रही उनका कहना था कि छात्र एवं समाज नशे कि लत से छुटकारा पाने एवं जागरूकता फैलाकर समाज और छत्तीसगढ़ को शिक्षा से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर सकते हैं।  इस क्रम में आइडियाथान : 2025 के विजेताओं हर्ष साहू , लाखेश्वर साहू एवं रवि पराशर एवं उनकी टीम को नकद राशि, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

इसी कड़ी में महामहिम राज्यपाल द्वारा भाषा भवन का शिलान्यास एवं आइडियाथान : 2026 का विधिवत शुभारंभ किये जाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में अजमेर के प्रो. हासो ददलानी, हरिद्वार के महामंडलेश्वर चिन्मय गिरी, स्वामी मोहन लाल, गोविन्द राम काशी की विशेष उपस्थिति रही।  इस शिलान्यास कार्यक्रम का संयोजन प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने किया कार्यक्रम में   विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र छात्राएं तथा शहर के गणमान्य समाजसेवी उपस्थित रहे।