रायपुर

साइलेंट किलर है आपके घर के पास लगा यह सफेद फूलों वाला पेड़

रायपुर। रायपुर के घड़ी चौक, तेलीबांधा और टाटीबंध जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छातिम के पेड़ लगे हैं। जानकारों का कहना है कि जब इन पेड़ों में फूल आते हैं, तो उनकी गंध से कई लोगों को अस्थमा और एलर्जी की शिकायत होती है। यही वजह है कि राजधानी के जागरूक नागरिक और जनप्रतिनिधि इन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में एक बार फिर छातिम के पेड़ों का मुद्दा गरमा गया। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने मोर्चा खोलते हुए इन्हें इंसानी जिंदगी के लिए बड़ा खतरा करार दिया।

बता दें कि प्रश्नकाल के दौरान रायपुर शहर के विधायक सुनील सोनी ने पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को घेरते हुए पूछा कि क्या सरकार छातिम वृक्ष के दुष्प्रभावों को देखते हुए इसके रोपण पर रोक लगाने पर विचार कर रही है? गौरतलब है कि सुनील सोनी लंबे समय से इन पेड़ों से होने वाली एलर्जी और सांस की बीमारियों का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने साफ पूछा कि क्या पुराने लगे हुए पेड़ों को हटाकर कहीं और विस्थापित करने की कोई योजना है?

दरअसल, विधायक के सवालों का जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की। मंत्री ने सदन में बताया कि फिलहाल विभाग की ओर से नए छातिम वृक्षों का रोपण नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इन पेड़ों को लगाने पर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई रोक भी नहीं लगाई गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान में लगे हुए पेड़ों को काटने या उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की विभाग के पास कोई कार्ययोजना नहीं है।

विधानसभा में हुई इस चर्चा का सीधा असर रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों के लोगों पर पड़ेगा, जहां सौंदर्यीकरण के नाम पर हजारों छातिम पेड़ लगाए गए थे। हालांकि मंत्री ने फिलहाल पेड़ों को हटाने से इनकार किया है, लेकिन सरकार के नया प्लांटेशन न करने के फैसले से पर्यावरण प्रेमियों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन भविष्य में इन पेड़ों का कोई विकल्प तलाश पाता है।