भाठागांव में अवैध प्लांटिंग, भू-माफिया सक्रिय
2026-04-25 12:37 PM
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रायपुर। राजधानी के भाठागांव क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यहां बिना ञ्जहृष्ट (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) की अनुमति, बिना क्रश्वक्र्र पंजीयन और बिना वैध लेआउट के जमीन के टुकड़े काटकर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इस कथित अवैध गतिविधि के कारण आम लोगों को भविष्य में कानूनी और मूलभूत सुविधाओं की भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबदबे के चलते यह प्लॉटिंग लंबे समय से जारी है और संबंधित विभागों की कार्रवाई अब तक नजर नहीं आ रही है। नागरिकों का कहना है कि जब भी इस विषय में शिकायत की जाती है, तो कार्रवाई की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं। विभाग मौन है रेरा के अधिकारी आंख बंदकर टेबल में बैठकर ले रहे फैसले। टीएनसी और जिला प्रशासन को आन जनता के द्वारा शिकायतों के माध्यम से कई बार संज्ञान में लाया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्लॉटिंग से जुड़े मामलों में कोसल सोनकर और भारत ठाकुर नामक व्यक्तियों के नाम चर्चा में आ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम पुष्टि या दोष सिद्ध नहीं हुआ है, लेकिन क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन आरोपों की निष्पक्ष और स त जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
भाठागांव में हो रही कथित अवैध प्लॉटिंग के कारण सबसे बड़ी समस्या यह है कि ऐसे प्लॉटों में न तो सडक़, न नाली, न पानी और न बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कोई गारंटी होती है। कई बार खरीदार अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर प्लॉट खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पता चलता है कि जमीन का लेआउट ही स्वीकृत नहीं है या वह विवादित श्रेणी में आती है। ऐसे मामलों में न तो बैंक लोन मिलता है और न ही निर्माण की अनुमति।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ञ्जहृष्ट और क्रश्वक्र्र पंजीयन के की गई प्लॉटिंग सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन मानी जाती है। यदि कोई व्यक्ति या समूह ऐसी गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भू-राजस्व संहिता और नगर निवेश अधिनियम के तहत स त कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें भारी जुर्माना और आपराधिक मामला भी दर्ज हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रशासन की निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में कथित अवैध प्लॉटिंग कैसे जारी है। क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? यह सवाल अब आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।
क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि भाठागांव क्षेत्र में हो रही सभी प्लॉटिंग की तत्काल जांच कराई जाए, अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर स त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में आम नागरिकों को ठगी और कानूनी विवादों से बचाया जा सके।