नसबंदी करा चुके आत्मसमर्पित नक्सली की हुई रिवर्सल नसबंदी
- राजधानी डा प्रशांत भागवत पहुंचे महाराजी अस्पताल जगदलपुर
रायपुर। छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ लाल आतंक के साये से मुक्त हो गया हो लेकिन उस लाल साये की पीड़ा आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ अब भी है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के जीवन में अब नया सबेरा आ रहा है। सामान्य जीवन जीने की चाह रखने वाले इन लड़ाको का शीर्ष नक्सलियों द्वारा नसबंदी करा दी गई थी। अब वेस्ट ज़ोन यूरोलॉजी सोसाइटी, छत्तीसगढ़ यूरोलॉजी सोसाइटी और बस्तर पुलिस के सहयोग से नसबंदी करा चुके आत्मसमर्पित नक्सलियों की रिवर्सल नसबंदी कराई जा रही है।
राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध डाक्टर और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा प्रशांत भागवत ने कहा कि यह मेरे लिए खुशी की बात है कि मैं जगदलपुर के महारानी अस्पताल में हुए चैरिटी सर्जिकल वर्कशाप का हिस्सा बना। हमने 29 और 30 मई को जगदलपुर में 33 आत्मसमर्पित नक्सलियों की रिवर्सल नसबंदी की। यह कार्यक्रम बस्तर आईजी पी. सुंदरराज की पहल पर आयोजित हुआ था।
डा प्रशांत भागवत ने बताया कि वहां जाकर पीड़ितों से बात कर हमें भी पता चला कि बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले जोड़ों में से कई संगठन की क्रूर नसबंदी की दंश झेल रहे थे। 29 और 30 मई को आयोजित शिविर के लिए 70 पूर्व नक्सलियों ने पंजीयन कराया था। जिसमें से 33 पुरुषों का माइक्रो सर्जिकल आपरेशन किया गया।