"रफ़ी की रूह, किशोर की मुस्कान... सुरों में जीवंत हुई यादगार शाम"
2026-08-04 04:30 PM
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- रायपुर प्रेस क्लब की 'सुर श्रद्धांजलि' में पत्रकारों ने कालजयी गीतों से स्वर सम्राटों को किया नमन
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा हिंदी सिनेमा के अमर स्वर सम्राट स्वर्गीय मोहम्मद रफ़ी और स्वर्गीय किशोर कुमार की स्मृति में आयोजित "सुर श्रद्धांजलि" कार्यक्रम रविवार को संध्या संगीत, संवेदना और यादों के अद्भुत संगम के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपने पसंदीदा कालजयी गीतों की शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से दोनों महान गायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्यांग युवा गायक मो. शाहमीर खान की दमदार प्रस्तुति "कौन है वो... कौन है वो... कहाँ से वो आया..." (फ़िल्म बाहुबली) से हुआ, जिसने शुरुआत से ही पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
प्रसिद्ध अभिनेता एवं विधायक अनुज शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वयं भी मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार के लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खबरों की आपाधापी के बीच पत्रकारों की यह सुर साधना उनकी छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाने का सशक्त माध्यम है। पत्रकारों को इस आत्मीय अंदाज़ में गाते सुनना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा।अपने संबोधन के बाद अनुज शर्मा ने अपनी मधुर आवाज़ में "आवाज़ मैं न दूँगा..." गीत प्रस्तुत कर ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने की। स्वयं एक अच्छे गायक के रूप में पहचान रखने वाले श्री वर्मा ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया और देर तक पत्रकार साथियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। अपने उद्बोधन के बाद उन्होंने सदाबहार गीत "एक प्यार का नगमा है..." प्रस्तुत किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित पत्रकारों और श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी तथा पूरे सभागार को तालियों से गुंजायमान कर दिया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन रेडियो उद्घोषिका एवं पत्रकार आकांक्षा दुबे ने प्रभावशाली अंदाज़ में किया। उन्होंने संचालन के दौरान मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार के गीतों से जुड़े अनेक रोचक और अनसुने प्रसंग साझा कर कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया।
रायपुर प्रेस क्लब के इस विशेष आयोजन में कुल 38 पत्रकार साथियों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार निगम ने "घुँघरू की तरह बजता ही रहा हूँ", अनिल पुसदकर ने "मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे", सुरेश वैष्णव ने "जीवन से भरी तेरी आँखें", अमृता शर्मा ने "ज़िंदगी के सफ़र में गुजर जाते हैं" प्रस्तुत किया। कौशल स्वर्णबेर ने "ये रेशमी ज़ुल्फें", संदीप तिवारी ने "सैय्यारा तू तो बदला नहीं है", राजकुमार सोनी ने "ये क्या हुआ कैसे हुआ", सुमन पाण्डेय ने "तुम मुझे यूँ भुला न पाओगे" और गंगेश द्विवेदी ने "चेहरा है या चाँद खिला है" गाकर खूब तालियाँ बटोरीं।
इसी क्रम में मंजूषा शर्मा ने "एक अजनबी हसीना से", रूपेश यादव ने "फूलों के रंग से", भूपेश जांगड़े ने "तेरे नाम का दीवाना", राहुल सिन्हा एवं दीप्ति सिन्हा ने "तू तू है वही", शकुंतला तरार ने "हमदम मेरे मान भी जाओ", कौशल तिवारी ने "शिकार करने को आए", अख्तर हुसैन ने "कहना है कहना है", दीपक पाण्डेय ने "पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले" तथा सनत तिवारी और किरण तिवारी ने "मैं एक चोर, तू मेरी रानी" की युगल प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
इसके अलावा हेमंत डोंगरे ने "चलो रे डोली उठाओ कहार", पंकज मिश्रा ने "न जा कहीं अब न जा", प्रमोद मिश्रा ने "ये जीवन है", धीरज मिश्रा ने "खिलौना जानकर तुम तो", श्रवण शर्मा ने "छू लेने दो नाज़ुक होठों को", रतन जैसवानी ने "भँवरे की गुंजन है", सत्येंद्र कर ने "चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना", सागर परिकर ने "हमको तुमसे हो गया है प्यार", अजय सक्सेना ने "मेरा जीवन कोरा कागज़", पीयूष मिश्रा ने "ये दुनिया ये महफ़िल", योगेंद्र साहू ने "तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है", जी. भूषण राव ने "आपके अनुरोध पे", सिद्धार्थ देव ने "नीले-नीले अंबर पर", शशिकांत यादव ने "तुमसे अच्छा कौन है" तथा अमिताभ दुबे ने "चाँद मेरा दिल" प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया।
लगभग चार घंटे तक चले इस संगीतमय आयोजन में मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार के कालजयी गीतों की स्वर लहरियाँ पूरे प्रेस क्लब परिसर में गूंजती रहीं। उपस्थित श्रोताओं ने हर प्रस्तुति का तालियों से उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी द्वारा सभी प्रतिभागियों का सम्मान किया गया।
इस अवसर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारीमें कहा कि सुर श्रद्धांजलि' केवल एक सांगीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पत्रकारिता और संगीत के सुंदर संगम का ऐसा उत्सव बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि कलम के साथ-साथ सुरों पर भी पत्रकारों की उतनी ही मजबूत पकड़ है। कार्यक्रम में विशेष तौर पर महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेश जांगड़े के साथ कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक , संतोष साहू ,नीरज मिश्रा, अंशुमन शर्मा एवं जाकिर घुड़सेना के साथ संजू सिन्हा मौजूद रहे।