रायपुर

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से कांकेर जिले के 24 शिक्षक सम्मानित

 रायपुर : शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला पंचायत कांकेर में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के 24 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें प्राथमिक शालाओं के 21 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार तथा माध्यमिक शालाओं के 03 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड से 03-03 शिक्षकों का विकासखंड स्तर पर चयन किया गया था। इसी प्रकार ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए माध्यमिक शाला के 03 शिक्षकों का जिला स्तर पर चयन किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 5 हजार रुपये तथा ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र मोमेन्टो प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 24 शिक्षकों को सम्मानित करते हुए 1 लाख 26 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कांकेर आशाराम नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित होना शिक्षकों के लिए गौरव की बात है। शिक्षक बच्चों को गढ़ने का काम करते हैं और आज के कार्यक्रम में बच्चों के भविष्य को गढ़ने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य शिक्षक भी सम्मानित शिक्षकों से प्रेरणा लें और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए निरंतर समर्पण के साथ कार्य करें।

विधायक नेताम ने कहा कि विद्यार्थी अपने शिक्षक को हमेशा याद रखते हैं। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है] इसलिए शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनका उचित मार्गदर्शन भी करना चाहिए। शासकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर जोर देते हुए विधायक  नेताम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे सामान्य परिवारों से आते हैं। उन्हें बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारे शासकीय स्कूल किसी भी तरह से निजी स्कूलों से कम नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को गढ़ने और उनका भविष्य संवारने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन करते हुए शिक्षक स्वयं को सम्मान का हकदार बनाएं।