दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘दुनिया का सबसे कठिन कार्य है शिक्षक बनना’

लेखकः अजय मधुकर काले

वर्तमान समय में डॉक्टर, चार्टर्ड अकाऊंटंट, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, कलेक्टर बनना सब चाहते हैं पर टीचर बनना कोई नहीं चाहता, क्योंकि वो सम्मान, वो वेतन, वो सुविधाएं टीचर को नहीं मिलती जो अन्य प्रोफेशन को मिलती है, जबकि ये प्रोफेशन बनाने का कार्य टीचर के माध्यम से ही तो संभव होता  है। इस बात को समझना सबसे ज्यादा जरूरी है। किसी को कुछ अच्छी मन मुताबिक सर्विस नहीं मिल रहीं तो उसे कहते है टीचर बन जाओ। अरे इतने महत्त्वपूर्ण सेवा को यदि महत्व नहीं देंगे तो भविष्य कैसा होगा, ये भी विचार करना आवश्यक होगा।

सफलता के शिखर पर ले जाने वाला, क्षमा करने वाला और कमजोरी को मजबूत करने वाला अर्थात शिक्षक को पढ़ाई के अतिरिक्त सभी कार्य करने है। उसे जनगणना भी करना है, कुत्तों को भी गिनना है, निर्वाचन भी कराना है और समय मिले तो पढ़ाना भी है। शासकीय स्कूलों में बहुत अच्छी पढ़ाई हो सकती है, सारी सुविधाएं उपलब्ध कर सकते है एक मापदंड बनाया जा सकता है। शिक्षकों को अच्छा वेतन सुविधाएं दी जा सकती है। लोग कहते है कि प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ गई है तो उसके पीछे कारण शासकीय स्कूलों में सुविधाओं का अभाव है। शिक्षक आज भी बहुत मेहनत करते है। आप पाएंगे कि 80 प्रतिशत वर्तमान अधिकारी नेता समाज में प्रतिष्ठित कार्य करने वाले बुद्धिजीवी पद्मश्री व अनेक पुरस्कार से सम्मानित लोग शासकीय स्कूलों के विद्यार्थी रहे है। कारण हमारी नींव बनाने वाले शिक्षक थे जो प्रेरणा देते थे, उत्साहित रहते थे, छड़ी भी मारते थे और मोटिवेशन भी देते थे।

आज स्थिति विपरित है। बड़े अधिकारियों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में है। जहां शिक्षकों का वेतन 10 से 25 हजार के बीच है और फिर भी वहां के शिक्षक पूरी मेहनत के साथ बच्चों को पढ़ाने में जी जान से लगे है। 8-8 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं बच्चों के सपने पूरे करने अच्छा नागरिक बनाने के लिए।

मेरा विनम्र निवेदन हर शासकीय अधिकारी प्रशासन सरकार के सभी सम्मानित मंत्रियों विधायकों से है कि ऐसी शासकीय विद्यालय का भवन, सुविधाएं, शिक्षक ट्रेनिंग, सन्मान, क्रिएटकराए की बच्चे ये कहे कि बड़े होकर टीचर बनना है। तभी भविष्य में बेहतरीन समाज का निर्माण होगा। टीचर का वेतन सुविधाएं अन्य शासकीय सेवा के बराबर कर दिया जाए।  ससम्मान बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाये. हालाकि समाज राष्ट्र में अभी भी ऐसे अनेक प्रतिभाएं है जो विपरित परिस्थिति के बावजूद शिक्षक सेवा कार्य निरंतर कर रहीं है।

समस्त गुरुजनों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं......