रायपुर

BIG NEWS : साय के कांग्रेस में शामिल होने के बाद... शीर्ष भाजपा नेताओं का सामने आया बयान... जानिए क्या है कहना

रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शासनकाल में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, तो सरकार कांग्रेस की बनी, उस वक्त विधानसभा में प्रथम नेता प्रतिपक्ष का दायित्व दिग्गज आदिवासी नेता नंदकुमार साय को दिया गया। तीन साल सत्तासीन रही कांग्रेस के खिलाफ नंदकुमार साय ने जमकर संघर्ष किया, नतीजतन भाजपा सत्ता में आ गई। जिसके बाद 15 सालों तक सत्तासीन रही, लेकिन नंदकुमार साय को सत्ता से दूर रखा गया। 

इस बीच उन्होंने विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में अपना कद बढ़ाया, पर छत्तीसगढ़ में डॉ. साय को सीधे तौर पर मौका नहीं मिला। डॉ. साय को सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि उन्हें पद भले ना दिया गया, लेकिन उनसे चर्चा से भी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हमेशा उपेक्षित व्यवहार करता आया है। 

सोमवार को कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. नंदकुमार साय ने कहा कि वे अटल जी को फॉलो करते हैं, पर उन्हें इस बात का मलाल है कि आज की भाजपा, अटल—आडवानी की भाजपा नहीं रही। उन्होंने भाजपा नेताओं पर अपने खिलाफ साजिश करने और छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। 

इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का बयान सामने आया है, जिसमें उनका कहना है कि 'नंदकुमार साय जी को भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर हमेशा सम्मान दिया है। वो वरिष्ठ नेता हैं, उन्होंने पार्टी छोड़कर नए दल में जाने का निर्णय लिया है। मैं उन्हें अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं।'
 
वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव का कहना है कि 'नंदकुमार साय को पूरा सम्मान पार्टी ने दिया है। नंदकुमार साय को नीचे से लेकर ऊपर तक पदों से नवाजा गया। कांग्रेस के खिलाफ उन्होंने जीवन भर लड़ाई लड़ी, लेकिन आज नंदकुमार साय कैसे कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। यह सोचने का विषय है। आज भी पार्टी में उनका सम्मान है।'