रायपुर

तीज त्योहार पर साहित्य सृजन संस्थान की काव्य संध्या 13 सितंबर को

रायपुर। जब डिजिटल युग में साहित्यिक अभिरुचि कम होती जा रही है, ऐसे समय में राजधानी रायपुर का साहित्य सृजन संस्थान पिछले 49 माह से लगातार काव्य संध्या के माध्यम से साहित्य की लौ को प्रज्वलित किए हुए है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ संजय अलंग, पूर्व आईएएस एवं धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क, संचनालय,रायपुर होंगे। संस्थान की 49वीं मासिक काव्य संध्या आगामी 13 सितंबर को विमतारा, मधु पिल्ले चौक, शांति नगर, रायपुर में आयोजित होने जा रही है। इस बार की संध्या तीज त्यौहार की उमंग और हिंदी दिवस के गौरव को समर्पित रहेगी।

साहित्य सृजन संस्थान केवल कवि सम्मेलन तक सीमित नहीं है। यह नए रचनाकारों के लिए एक मंच, एक पाठशाला है। यहां वरिष्ठ साहित्यकारों के सानिध्य में नवोदित कवियों को अपनी रचनाओं को निखारने और प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। संस्थान की निरंतरता ही उसकी विश्वसनीयता है।

साहित्य सृजन संस्थान रायपुर के अध्यक्ष वीर अजित शर्मा अध्यक्ष कहते हैं साहित्य केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि समाज का दर्पण है। साहित्य हमें हमारी संस्कृति, हमारे तीज-त्योहारों और हमारी भाषा हिंदी से जोड़े रखता है। तीज जैसे पर्व पर लिखी गई रचना जहां स्त्री के उल्लास और प्रेम को दर्शाती है, वहीं हिंदी दिवस पर रचना हमें हमारी मातृभाषा के सम्मान का बोध कराती है। साहित्य ही वह सेतु है जो पीढ़ियों को जोड़ता है। इस बार की संध्या में संस्थान द्वारा पूर्व में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के ओपन माइक प्रतिभागियों एवं निर्णायक मंडल का सम्मान किया जाएगा। यह कदम निश्चित ही नए रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएगा और उन्हें बड़े मंचों के लिए प्रेरित करेगा।