दिव्य महाराष्ट्र मंडल

सहयोग के बुजुर्गों ने भजनों के साथ एंजॉय किया गेम

 महाराष्‍ट्र मंडल परिसर में हुए आयोजन में सियान गुड़ी के वरिष्‍ठ नागरिकों की भी रही उत्‍साहजनक मौजूदगी 


रायपुर। वरिष्‍ठ नागरिकों की संस्‍था ‘सहयोग’ की मासिक बैठक में जहां श्रीकृष्‍ण भगवान के भजनों से आध्‍यात्मिक वातावरण रहा। वहीं रोचक खेलों में बुजुर्गों ने जमकर मस्‍ती भी की। इस बीच महाभारत में श्रीकृष्‍ण- अर्जुन संवाद ने सभी का ध्‍यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक - शिक्षिकाओं का विशेष रूप से सम्मान किया गया।
'सहयोग' के सचिव श्‍याम सुंदर खंगन ने बताया कि दिव्‍या पात्रीकर और कामिनी पतंगीवार के सुमधुर भजनों ने कार्यक्रम का वातावरण धर्ममय हो गया। उपस्थित सदस्‍यों ने भजनों में लीन होकर तालियां बजाई और दोनों गायक सदस्‍यों का उत्‍साहवर्धन किया। वहीं कुंदा अत्रे ने नर्मदा अष्‍टक और चित्रा बल्‍की ने भारुड गाया। इधर मासूम तनिष्‍का बेडेकर ने अपनी प्रभावी अभिनय शैली से प्रभावित किया। उन्‍होंने अपनी पहली प्रस्‍तुति में महाभारत के श्रीकृष्‍ण- अर्जुन संवाद से हमें आदर्श जीवन जीने की सीख दी, तो वहीं अपनी दूसरी प्रस्‍तुति में तनिष्‍का ने फिल्‍म ‘छावा’ में शिवाजी महाराज के बड़े बेटे संभाजी महाराज के संवेदनशील डायलॉड को कुछ इस तरह बोला कि उनकी उम्र का पता ही नहीं चला। 
अध्‍यक्ष अपर्णा कालेले के अनुसार कप उठाने के रोचक खेल ने वरिष्‍ठ सदस्‍यों की मानसिक के साथ शारीरिक फिटनेस की भी परीक्षा ली। इस गेम में श्रद्धा मरघडे़ विजेता, तो चित्रा बल्‍की उप विजेता रहीं। समूचे कार्यक्रम का संचालन राधिका मराठे और दिव्‍या पात्रीकर ने किया। इस मौके पर उपाध्‍यक्ष ज्‍योत्‍सना भाटे, कोषाध्‍यक्ष दीपक पात्रीकर, शुभांगी आप्‍टे, संजय आप्‍टे, संध्‍या खंगन, अर्चना मुकादम, सौ. बोरवनकर, अरुण काठोटे, रंजना काठोटे, प्रमोद गोवर्धन, दीपक पंडित, यशवंत कालेले, रंजन भाटे, चंद्रशेखर मराठे, शरद जोशी, सुनीता जोशी सहित अनेक सदस्‍य उपस्थित रहे।