मानसिक स्वास्थ्य आज की गंभीर समस्या, इच्छाशक्ति और अनुशासन से मिलेगी नशे पर विजय: राज्यपाल
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रेक्षागृह में "नशा मुक्त विकसित भारत अभियान" का समापन समारोह, पुरस्कार वितरण एवं मेगा रक्तदान शिविर अत्यंत गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को भारत को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को सिद्ध करना होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान समय में मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है, जिसका समाधान मजबूत इच्छाशक्ति (विल पावर), अनुशासन, विनम्रता और धैर्य के माध्यम से संभव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। विश्वविद्यालय इस संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है, जिसके तहत परिसर में चैतन्य मनोवैज्ञानिक केंद्र की स्थापना, खेल विधाओं का प्रोत्साहन और रिवेन्यू जनरेशन मॉडल विकसित किए गए हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में हैदराबाद से पधारे मनोवैज्ञानिक श्री त्रिलोचन चावला जी (हार्टफुलनेस योग आश्रम) ने कहा कि नशे से मुक्ति के लिए व्यक्तिगत प्रयास और सतत जागरूकता ही सबसे प्रभावी साधन हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाते हुए शपथ भी ग्रहण कराई। समारोह में 'राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार' से सम्मानित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. राजीव चौधरी को शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अभियान के दौरान आयोजित रंगोली, रील मेकिंग, भाषण, निबंध लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
विश्वविद्यालय एवं रोटरी क्लब ऑफ रायपुर वेस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं व रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के सदस्यों को भी उनकी उल्लेखनीय सामाजिक सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।