परिवहन आयुक्त काबरा ने बताया... क्यों जरुरी है यात्री और स्कूल बसों में... जीपीएस और पैनिक बटन
2023-07-09 03:17 PM
288
रायपुर। स्कूल बसों में छात्राओं के साथ बदसलूकी, छेड़छाड़, अपहरण के बाद रेप की कई वारदातों ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वहीं यात्री बसों में भी महिलाओं, युवतियों की सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक तौर पर सवाल उठते रहते हैं। इन तमाम बातों का ख्याल करते हुए छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है, ताकि स्कूली बसों और यात्री बसों में यात्रा के दौरान किसी तरह अप्रिय स्थिति ना बने।
इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने छत्तीसगढ़ में यात्री बसों में महिलाओं एवं स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पैनिक बटन लगाने की तैयारी है। पैनिक बटन लगने से बस में किसी प्रकार की दुर्घटना, छेड़छाड़ होने पर पैनिक बटन दबाने से तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना मिल जाएगी। इसके साथ ही बसों का लोकेशन, स्पीड आदि का भी पता चलता रहेगा। इससे चालकों की मनमानी पर रोक लगने के साथ हादसे की आशंका भी कम हो जाएगी। जीपीएस सिस्टम का कंट्रोल रूम डायल 112 के कार्यालय में बनाया गया है।
इस विषय को लेकर छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग के आयुक्त दीपांशु काबरा का कहना है कि इस व्यवस्था के शुरू होने से जनता को किसी तरह के खतरे तथा अनहोनी से निपटने में काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में प्रदेश में कुल 12 हजार बसें संचालित हो रही हैं, जो अलग-अलग रूट से प्रदेश के कोने-कोने तक जा रही हैं। इसी तरह राज्य में लगभग 6000 स्कूल बस भी संचालित है। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस के लगने से बसों की पल-पल की जानकारी मिलेगी।
परिवहन आयुक्त काबरा ने बताया कि दिल्ली में हुए निर्भया प्रकरण के बाद से ही केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा की दिशा में कदम उठाने के लिये निर्देश दिए थे ताकि इस तरह के प्रकरण की पुनरावृत्ति न हो। इसी के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में निर्भया फण्ड के अंतर्गत सभी यात्री वाहनों को ट्रैक करने के लिए यात्री वाहनों में जीपीएस लगा कर व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफ़ार्म के माध्यम से ट्रैकिंग करने का निर्णय लिया गया। व्हीकल ट्रैकिंग सॉफ्टवेर को चिप्स के माध्यम से बनाया गया है और समस्त गाड़ी के लाइव ट्रैकिंग देखने और त्वरित कार्यवाही करने के लिए सिविल लाइंस रायपुर में स्थित डायल 112 भवन में ही कमांड और कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है ।