पुरानी पेंशन को लेकर बिजली मुख्यालय में जंगी आमसभा आज, जुटेंगे प्रदेशभर के बिजलीकर्मी
2023-07-28 11:08 AM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने क्रमिक आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेश भर के अधिकारी-कर्मचारी 16 जुलाई 2023 से विरोध प्रदर्शन करते हुए काली पट्टी लगाकर कार्य कर रहे हैं। अब पॉवर कंपनी मुख्यालय रायपुर में 28 जुलाई शाम 5 बजे जंगी आमसभा की जायेगी, जिसमें राज्य भर के विद्युत कर्मी शामिल होेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य की तीनों पॉवर कंपनियों में कार्यरत हजारों अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा राज्य को निरंतर ऊर्जावान बनाये रखने तथा राज्य को ऊर्जा अतिशेष का दर्जा बनाये रखने में अहम भूमिका निभा रहे है। कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान कई मैदानी कर्मचारियों को विद्युत से संबंधित दुर्घटना के कारण अपने जान से हाथ गवांना पड़ जाता है जिससे उनके परिजनों को एन.पी.एस. के कारण आर्थिक कठिनाईयों को सामना करना पड़ता है। 2004 से पहले पूर्ववर्ती छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल में जारी पुरानी पेंशन योजना न केवल आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करता था बल्कि सेवानिवृत्ति के पश्चात् सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों को आर्थिक रूप से स्वालंबन बनाये रखने में मदद करता है।
कांग्रेस शासित सभी राज्यों में यथा राजस्थान, हिमांचल आदि प्रदेशों में राज्य शासन के कर्मचारियों के साथ-साथ संबंधित राज्य की पॉवर कंपनियों में भी एन.पी.एस. को हटाकर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जा चुकी है, छत्तीसगढ़ राज्य मे माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा भी राज्य शासन के 3 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू कर चुके है, परंतु पॉवर कंपनी प्रबंधन द्वारा पुराने ओ.पी.एस के अतंर्गत आने वाले कर्मचारियों को पेंशन देने वाले ट्रस्ट में राशि की कमी बताकर टालमटोल की नीति अपनाकर पुरानी पेंशन योजना की बहाली नहीं की जा रही है।
पॉवर कंपनी के सभी अधिकारी/कर्मचारी संगठनों का यह मत है कि पॉवर कंपनी पेंशन ट्रस्ट में धन की कमी का बहाना बनाकर एन.पी.एस. कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं देना सर्वथा अनुचित है क्योंकि इस संबंध में प्रबंधन द्वारा यह अध्ययन कराया जा चुका है कि नये कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने पर कंपनी पर कोई भी आर्थिक भार नहीं आना है और वर्तमान पेंशन ट्रस्ट में राशि की कमी कंपनी प्रबंधन की नाकामी के कारण है। सन् 2004 के बाद नियुक्त विद्युत कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने से पुराने ट्रस्ट की वृद्धि या कमी से कोई लेना-देना नहीं हैै, बल्कि एन.पी.एस. के स्थान पर ओ.पी.एस. लागू करने से पुराने पेंशन कर्मियों को भविष्य की अनिश्चितता से राहत होगी। इसी कारण से विद्युत कंपनियों के सभी संगठन ओ.पी.एस. बहाली चाहते हैं।
विद्युत अधिकारी/कर्मचारियों की इस महत्वपूर्ण मांग पर निरंतर उदासीनता को देखते हुए संयुक्त मोर्चा के सभी यूनियन/संगठन के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से पॉवर कंपनीज में पुरानी पेंशन बहाली हेतु दिनांक 28 जुलाई को आमसभा एवं आमसभा के पश्चात यदि प्रबंधन द्वारा राज्य शासन के अनुरूप ओ.पी.एस. की मांग नहीं मानी जाती है, तो उस स्थिति में विद्युत कर्मियों द्वारा ओ.पी.एस. द्वारा अपने परिवारों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनिश्चितकालीन अवकाश में जाकर आंदोलन करने के कठिन निर्णय लेने हेतु बाध्य होंगे।