नई शिक्षा नीति पर बोले शिक्षाविद् डा. प्रदीप जैन... कहा- आने वाला समय AI का... 200 पेज की शिक्षा नीति पढ़े जरूर
रायपुर। राजधानी के एक निजी होटल में टाइम विथ डॉ. प्रदीप जैन और हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पहुंचे शिक्षाविद् डॉ.प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि आने वाला समय AI का होगा। 200 पेज की नई शिक्षा नीति को सभी को पढ़ना आवश्यक है ताकि आप अपने विषय को विद्यार्थियों तक उस नई नीति के साथ पहुंचा सकें।
13 अक्टूबर को कॉफी टाइम विथ डॉ. प्रदीप जैन और एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला 14 अक्टूबर को होटल मयूरा, रायपुर में संपन्न हुई। कार्यशाला में नई शिक्षा नीति और छत्तीसगढ़ की राजभाषा छत्तीसगढ़ी में शिक्षा के रूप स्वरूप और हिंदी भाषा से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। चर्चा में डॉ. संध्या रानी शुक्ला, डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा, मंजू शर्मा, सुषमा गायकवाड़, प्रतीश कुमार शर्मा, प्रभा चंद्राकर ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। वहीं सभा का समापन आचार्य रंजन मोड़क के गीत से हुआ।
दूसरे दिन 14 अक्टूबर को हिंदी कार्यशाला का आयोजन मधुबन पब्लिशिंग हाउस किया गया। कार्यशाला में प्रमुख वक्ता भाषाविद्, नाट्य लेखक, समीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार जैन थे। कार्यशाला में राजधानी रायपुर, भिलाई, रायगढ़, पिथौरा, महासमुंद के विद्यालयों के लगभग 100 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में डॉक्टर लक्ष्मीकांत पंडा, प्रतीश कुमार शर्मा और आचार्य रंजन मोड़क, डॉ. संध्या रानी शुक्ला और अन्य शिक्षकों ने पुष्प वर्षा और वैदिक मंत्रोच्चारण से डॉ प्रदीप जैन का स्वागत किया। पश्चात माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया। तमनार, रायगढ़ ओपी जिंदल स्कूल के हिंदी विभागाध्यक्ष श्री वीरेंद्र त्रिपाठी द्वारा पुष्पहार से जैन सर का स्वागत किया गया।
कार्यशाला में रंगभूमि सांस्कृतिक मंच, रायपुर के रंगसाधकों द्वारा कविता के रंग बिखेरे गए। हिंदी पाठ्यक्रम में कक्षा पांचवीं की कविता खिलौने वाला-नीतीश यादव, कक्षा आठवीं की कविता जलियांवाला बाग में वसंत आयुष राजवैद्य और कक्षा नवमीं की कविता एक फूल की चाह लोकेश साहू द्वारा प्रस्तुत की गई। कविताओं की नाट्य प्रस्तुति ने उपस्थित शिक्षकों को सोचने पर मजबूर किया कि क्या हम कविताओं को अपनी कक्षा में इस तरह भी प्रस्तुत कर सकते हैं?
कविता के रंग की समाप्ति पर भावविभोर डॉ प्रदीप जैन ने सभी कलाकारों और निर्देशक आचार्य रंजन मोड़क को बधाई देते हुए कहा कि आज की इस प्रस्तुति ने मेरी कार्यशाला का आधा कार्य पूर्ण कर दिया है। NEP यही चाहती है कि सहजता से विद्यार्थी किसी भी विषय को समझ सके और अपने शब्दों में लिख सके।
भिलाई डीपीएस के शिक्षक प्रतीश कुमार शर्मा ने मंचीय प्रस्तुति के बाद सभी कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित शिक्षकों से कहा हिंदी सिर्फ़ एक विषय नहीं है या अकेले प्रदीप जैन साहब की जिम्मेदारी नहीं है अपितु हम सभी को मिलकर छोटे छोटे सार्थक प्रयास करने होंगे। तभी हम हिंदी के सच्चे सेवी कहलाएंगे।
उद्घाटन सत्र के बाद मधुबन की प्रोडक्ट मेनेजर स्मिता ने डॉक्टर जैन का स्वागत किया और फिर शुरू हुई कार्यशाला... NEP नई शिक्षा नीति की संक्षिप्त और सारगर्भित जानकारी देते हुए कहा कि अब समय है कि प्रत्येक हिंदी शिक्षक स्वयं को कंप्यूटर से जोड़े, आने वाला समय AI का समय होगा। 200 पेज की नई शिक्षा नीति को सभी को पढ़ना आवश्यक है ताकि आप अपने विषय को विद्यार्थियों तक उस नई नीति के साथ पहुंचा सकें। जैन सर ने द्वितीय सत्र में शिक्षक - शिक्षिकाओं के शंका का समाधान किया जिसमें उच्चारण स्थान, वाच्य, की - कि का प्रयोग जैसे अनेक बिंदुओं के साथ उत्तर पुस्तिका आकलन संबंधी जानकारी दी गई