विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी... राजनीतिक गलियारे में हो रही चर्चा
रायपुर। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को उप मुख्यमंत्री का पद दे दिया। अरुण साव के उप मुख्यमंत्री बनाये जाने के बाद भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसे में प्रदेश में पार्टी की कमान विजय बघेल को सौंपी जा सकती है। सामाजिक स्तर पर सभी समाज के लोगों में पैठ रखने वाले विजय़ बघेल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़े अंतर से जीत हासिल कर सांसद बने हैं।
भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ में वापसी कराने में अहम भूमिका निभाने वाले और पूर्व सीएम के खिलाफ ताल ठोंकने वाले भाजपा के फायर ब्रांड सांसद विजय बघेल अब एक बार फिर से नई जिम्मेदारी के साथ वापसी कर सकते है। आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में कुर्मी-साहू और अन्य समाज के मतदाताओं को साधने में विजय बघेल सक्षम है। इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विजय बघेल को बड़ी जिम्मदारी दे सकती है। बतादें कि दो दिन पहले ही विजय बघेल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
वही नए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की चर्चा में सबसे आगे सांसद विजय बघेल का नाम चल रहा है। हालांकि उन्होंने इस दौड़ से खुद को बाहर बताते हुए स्वयं को कार्यकर्ता के साथ चलना बताया। सांसद विजय बघेल को 2023 के विधानसभा चुनाव में दोहरी जिम्मेदारी दी गई । जिसका विजय बघेल ने बखूबी जिम्मेदारी निभाई और पार्टी को अच्छा प्रतिसाद दिलाने के साथ भाजपा सत्ता में काबिज हुई । जिसके चलते भाजपा का शीर्ष नेतृत्व विजय बघेल की कार्यशैली से खुश है। विजय बघेल ने अपने चाचा तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल से हार कर भी पार्टी का दिल जीत लिया है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। पार्टी ने सांसद होने के बावजूद उन्हें छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा बल्कि उन्हें भाजपा के घोषणपत्र समिति का संयोजक भी नियुक्त किया। हालांकि पूर्व सीएम के खिलाफ वह खुद तो चुनाव हार गए लेकिन भाजपा प्रचंड सीटों के साथ प्रदेश में कामयाब बनाने में रही। भाजपा की इस अप्रत्याशित कामयाबी के पीछे दो प्रमुख वजहें बताई जाती है।