2019 से 2023 तक पांच सालों में 400 करोड़ रुपये खर्च कर सरकार ने भरी थीं उड़ान
रायपुर। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने विधानसभा में वर्ष 2019 से 2023 तक सरकारी विमान के खर्च की जानकारी के संबंध में सवाल किया था। जिसका जबाव देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले पांच सालों में सरकारी उड़ान के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च किए है। इसमें से लगभग 260 करोड़ रुपये निजी विमान कंपनियों के खाते पर गए है।
सत्ता पक्ष के विधायक राजेश मूणत ने विधानसभा में लिखित सवाल लगाते हुए जानकारी मांगी की सरकार ने 1 जनवरी साल 2019 से लेकर नवंबर 2023 तक हेलीकॉप्टर और विमान पर कितना पैसा खर्चा किया है। विधायक राजेश मूणत के इस सवाल के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखित जवाब देते हुए पूरी जानकारी दी है।
सीएम ने अपने जवाब में बताया कि सरकारी हेलीकॉप्टर के रखरखाव, पार्ट्स और इसकी खरीदी में 19 करोड़ 62 लाख 33 हजार 506 रुपए की राशि खर्च की गई है। इसके साथ ही इसमें अन्य खर्च 14 करोड़ 76 लाख 15 हजार का है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जवाब में कहा कि 1 जनवरी साल 2019 से लेकर नवंबर 2023 तक निजी हेलीकॉप्टर कंपनी को 190 करोड़ 61 लाख 93 हजार 891 रुपये इसके साथ ही विमान कंपनी में किया गया खर्च 73 करोड़ 65 लाख 54 हजार 800 रुपये है। जिसका भुगतान किया भी जा चुका है। जानकारी के हिसाब से यह भुगतान किराए के रूप में किया गया है।
इसके साथ ही सीएम ने आगे जानकारी में बताया कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2019 तक हेलीकॉप्टर का किराया 14,88,17,358 रुपये और विमान का किराया 3,67,89,719 है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2020 तक हेलीकॉप्टर का किराया 10,54,81,238 रुपये और विमान का किराया 5,19,30,755 है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2021 तक हेलीकॉप्टर का किराया 17,14,86,079 रुपये और विमान का किराया 17,49,29,680 है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 तक हेलीकॉप्टर का किराया 69,20,45,388 रुपये और विमान का किराया 25,61,25,083 है। 1 जनवरी से 30 नवंबर 2023 तक हेलीकॉप्टर का किराया 78,83,64,388 रुपये और विमान का किराया 25,61,25,083 है।