रायपुर

सेंटर फार बेसिक साइंस में युवा और जीवन प्रबंधन पर व्याख्यानमाला

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सेंटर फार बेसिक साइंस में युवा और जीवन-प्रबंधन पर व्याख्यान माला की शुरुआत की गई। सरस्वती पूजन उपरांत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने उपस्थित छात्रों से आह्वान किया कि समय और जीवन का प्रबंधन हमें आगे बढ़ाता है। नवयुवकों को अपने  बुजुर्गों के पास बैठकर उनके अनुभव जानना चाहिए, इससे उनमें अनुभव और ऊर्जा का संतुलन बढ़ेगा।

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला की चर्चा करते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सदियों से जनता का प्रबंधन भारत करता रहा है, जिसे हमें स्मरण करना चाहिए। भारत जीवन-प्रबंधन, योग और अध्यात्म  की शिक्षा का केंद्र रहा है। मुख्य  वक्ता के रूप में प्रो. टोपलाल वर्मा, शास.जे योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में सतीश गोकुल पंडा, सचिव, CSHD, रायपुर उपस्थित रहे।

प्रो. टोप लाल वर्मा ने युवकों की राष्ट्र निर्माण में  भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि आज की युवा शक्ति ही विकसित भारत का सपना साकार करेगी। अगले पच्चीस वर्ष भारत को हर दिशा में आगे बढ़ाने वाले होंगे। आज का भारत युवा और सशक्त भारत है।

सतीश गोकुल पंडा ने मनप्रबंधन पर विस्तार से व्याख्यान दिया तथा सफलता के छह सूत्र बताए, उन्होंने कहा कि युवा अवस्था में जो निर्णय हम लेते हैं वे हमारी पूरी जिंदगी निर्धारित करते हैं। विद्यार्थियों को विषय चयन से लेकर, नौकरी और जीवनसाथी तक की तलाश करनी होती है। जिसके कारण वे तनाव में रहते हैं। सतीश  गोकुल पंडा ने अनेक रोचक कहानियों के माध्यम से मन पर नियंत्रण, तनाव प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल,जीवन प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान में जीना चाहिए, वर्तमान अटल है। अनिवार्य कार्य  को अति महत्वपूर्ण बनाने के पहले पूरा करने से तनाव नहीं होता है और हममें उत्साह बना रहता है। दृष्टिकोण बदल कर हम तनाव कम कर सकते हैं|

सीबीएस के निदेशक प्रो. कल्लोल घोष ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा व्याख्यानमाला निरंतर करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन, संयोजन डॉ.भानुश्री गुप्ता तथा आभार प्रदर्शन डॉ. वीनू जोशी  ने किया। इस कार्यक्रम में  प्रो. अशोक प्रधान, प्रो. बी. एस. ठाकुर, प्रो। व्यास दुबे, डॉ. बी.एल. सोनेकर प्रो.आशीष श्रीवास्तव, डॉ. इंद्रपाल करभाल,आदि सहित बड़ी संख्या में अध्ययन शाला शोधार्थीगण और विद्यार्थीगण उपस्थित रहकर लाभ लिया।