कमर्शियल वाहनों के परमिट के लिए... भूपेश सरकार ने की नई व्यवस्था... पढ़िए पूरी खबर
2023-02-28 11:55 AM
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा नई सुविधा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ का कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इसके तहत परिवहन विभाग द्वारा परिवहन सुविधाओं को लगातार वाहन स्वामी के घर के पास ही उपलब्ध कराया जा रहा है । इसी कड़ी में नये ख़रीदे जाने वाले कमर्शियल गाड़ी के परमिट आवेदन भी अब गाड़ी ख़रीदने समय गाड़ी विक्रेता डीलर के द्वारा किया जा सकेगा। नये गाड़ी के परमिट हेतु आवेदन देने के लिए पृथक से परिवहन कार्यालय आने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

ज्ञात हो कि 3000 किग्रा और उससे अधिक से सभी कमर्शियल गाड़ियों को परमिट अनिवार्य रूप से लेना रहता है। परमिट बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर परिवहन कार्यालय आना पढ़ता था, जहाँ से परमिट बना कर निर्धारित प्रारूप सील मोहर लगा कर परमिट जारी किया जाता था।
जरुरी है परमिट बनवाना
नई गाड़ी ख़रीदने वाले बहुत से वाहन क्रेता परमिट बनाने के लीगल आवश्यकता की जानकारी नहीं रखते है ।ख़ासतौर से छोटी कमर्शियल गाड़ी ख़रीदने वाले क्रेता के द्वारा केवल पंजीयन की आवश्यकता समझ कर परमिट नहीं बनाया जाता और गाड़ी के पंजीयन को पूर्ण दस्तावेज मान लेते है । परंतु जब गाड़ी कोई दुर्घटना हो जाती है तो परमिट नहीं की दशा में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा बीमा राशि नहीं दिया जाता है और गाड़ी मालिक वित्तीय भार परेशान होता है ।

कितने प्रकार की होती है परमिट
मुख्यतः परमिट दो प्रकार के होते है छत्तीसगढ़ राज्य के अंदर गाड़ी चलाने के लिए राज्य परमिट और तीन या उससे अधिक राज्यों में गाड़ी चलाने के लिए नेशनल परमिट। दोनों प्रकार के परमिट आवेदन करने की सुविधा डीलर पॉइंट दी जा रही है। रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन (राडा) के द्वारा डीलर पॉइंट में ही परमिट आवेदन हेतु सुविधा देने की माँग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। इस संबंध में ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के द्वारा परिवहन मंत्री से मिलकर माँग किया गया था। जिस पर परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यवाही करने का आस्वासन दिया गया था।
परिवहन विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ योजना लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इसमें लोगों को परिवहन संबंधी सेवाएं उनके घर के द्वार पर पहुंचाकर दी जा रही है। जन केन्द्रित इस सुविधा के अंतर्गत लोगों को अब बार-बार परिवहन विभाग का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इससे आवेदकों के धन तथा समय दोनों की ही बचत हो रही है।