पिता की याद में साइंस कालेज की लाइब्रेरी को दान की 33 किताबें गायब....बनाई गई जांच समिति
रायपुर | शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में किताबें गायब होने के लगातार प्रकरण आ रहे हैं। कालेज की केंद्रीय लाइब्रेरी से गायब किताबों का अभी तक कुछ पता नहीं चला प्या है। अब एक नया मामला सामने आया है। रसायन विभाग को दान में दी गई 33 किताबें भी गायब हुए है | जिन्होंने यह बहुमूल्य किताबें रसायन विभाग को दान दी थी, उनके पुत्र ने विभाग से किताब गायब होने की शिकायत पत्र लिखकर प्राचार्य डॉ. पीसी चौबे को की है।
कंचन गंगा रोहिणीपुरम निवासी मनीष कुमार मूंधड़ा ने कालेज के प्राचार्य को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मेरे पिता स्व. डॉ. जी एल मूंधड़ा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रायपुर में स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं के भूतपूर्व छात्र थे।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इसी महाविद्यालय के रसायन विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में अध्यापन कार्य भी किया है। इसके पश्चात वे पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय चले गए। यहां सन 2006 में वे विभागाध्यक्ष (रसायन शास्त्र) तथा डीन (फेक्ल्टी आफ साइंस) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे ।
उन्होंने परिवार के समक्ष अपनी इच्छा व्यक्त की थी, कि पिता के निधन के पश्चात उनकी स्मृति में स्नातकोत्तर छात्रों के लिए रसायन विषय की विश्वस्तरीय 33 किताबें दान में दी जाएं, ताकि उनका उपयोग कर विभाग के छात्र-छात्रये अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित हों।
उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार हमने सत्र 2016-17 में तत्कालीन प्राचार्य डॉ. डी एन वर्मा तथा तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा वर्मा की अनुमति से विभाग को 33 बहुमूल्य किताबें दान में दी थी। डॉ. शिप्रा वर्मा ने इन किताबों की विभागीय रजिस्टर में एंट्री कर स्टाफ रूम में रखवाया था।
विभागीय लाइब्रेरी के तत्कालीन इंचार्ज प्राध्यापक के द्वारा इन किताबों को विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों को दिया जाता था। इस बीच हमारे परिवार द्वारा स्व. पिताजी की आगामी पुण्यतिथि में उन किताबों को रखने के लिए स्टील की नई आलमारी भी दान देने पर विचार आने पर हमने विभाग के शिक्षकों के समक्ष यह बात रखी। तब पता चला कि वो 33 किताबें लगभग तीन वर्षों से विभाग में नहीं हैं।
प्राचार्य साइंस कालेज रायपुर डॉ. पी सी चौबे ने कहा, किताबें गुम होने की शिकायत मिली है। छह सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।