योग भारतीय प्राचीन सभ्यता है जो विश्व में निरंतर जीवन शैली को सुदृढ़ बनाने में मददगारः कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल
2024-06-01 06:45 PM
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रायपुर। इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर योगिक साइंसेज और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में "स्वस्थ जीवन के लिए योग" पर कार्यशाला 1 जून से 4 जून 2024 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, हेमलता शुक्ल , कार्यशाला निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सीडी अगाशे, प्रो. रीता वेणुगोपाल कार्यशाला सलाहकार, प्रो. राजीव चौधरी, कार्यशाला समन्वयक, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ के गरिमामयी उपस्थिति में विधिवत सरस्वती पूजन, राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ संपन्न हुआ। तत्पश्चात् प्रो. प्रो. सीडी आगाशे द्वारा कार्यशाला के बारे में जानकारियां दिए एवं बताये कि योग में अनुशासन अति आवश्यक है जो व्यक्ति को आदर्श के रूप में स्थापित करता है।
कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने कहा कि योग भारतीय प्राचीन सभ्यता है जो विश्व में निरंतर जीवन शैली को सुदृढ़ बनाने में मदद कर रहा है जो कई लाइलाज बीमारी को पूर्ण रूप से समाप्त करने में सक्षम हैंI इसके पश्चात् हेमलता शुक्ल मैम ने योग के बारे में कहा कि स्वस्थ जीवन में स्वस्थ मन का विकास होता है, और सभी प्रतिभागियों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किए। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. राजीव चौधरी ने योग के महत्व को बताते हुए योग को अपने जीवन के दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
प्रथम दिवस 1 जून को एम्स रायपुर (छग) एआईआईएमएस-सीएमबीआईवाय के योग थेरेपिस्ट कुंदन कुमार उपस्थित रहें। कुंदन ने योग अभ्यास के साथ-साथ स्वस्थ जीवन के लिए बताये कि एक स्थान पर बैठना भी योग होता है यह कहकर योग के आसन कराए। मुख्य रूप से पाचन तंत्र को मजबूत करने वाले विभिन्न आसन जैसे कि गोमुख आसन, ताड़ासन, मंडूक आसन, बटरफ्लाई, वृक्षासन, त्रिकोणासन ,भुजंगासन ,मकर आसान पवन मुक्तासन , प्राणायाम में अलोम- विलोम , शितली प्रणाम ,भ्रामरी, व विभिन्न योग आसनों का अभ्यास और इनमें शामिल योगों की जानकारी दिए। विश्वविद्यालय के मननीय कुलपति और सभी योग लाभार्थियों ने पूरी ऊर्जा के साथ योग का अभ्यास किया।
मंच संचालन कैलाश कुमार , कक्षा – एमपीएड-2 सेमेस्टर छात्र , शारीरिक अध्ययनशाला विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, छग के द्वारा किया गया। आभार प्रकट अशुतोष राय के द्वारा किया गया। प्रथम दिन में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभागी के रूप में प्रत्यक्ष माध्यम से शामिल हुए। कल दिनांक 2 जून को योग विशेषज्ञ के रूप में डॉ मंजू झा , निर्देशक मृत्युंजय योग रायपुर रहेगी।