बृजमोहन ने 18 जून तक नहीं दिया विधायिकी से इस्तीफा तो स्वतः समाप्त हो जाएगी सांसदी
रायपुर। लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने अब तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने 18 जून तक विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया तो नियमानुसार उसके बाद उनकी सांसदी चली जाएगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा चुनाव 2024 में रायपुर सीट से जीत दर्ज की है। अब उनके पास दो सदन संसद और विधानसभा दोनों की सदस्यता है। नियमानुसार चुनाव परिणाम की घोषणा और जीत का प्रमाण पत्र मिलने के 14 दिन के अंदर दोनों में से किसी एक सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना जरूरी है।
बता दें कि विधि के अनुसार यदि तय सीमा में दोनों में से एक पद न चुनने और किसी भी पद से इस्तीफा न देने की स्थिति में चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति का नया पद यानी संसद की सदस्यता स्वत: ही खत्म हो जाएगा। हालांकि अभी केंद्र में बृजमोहन को मंत्री पद न मिलने के कारण उनके समर्थकों में काफी नाराजगी है। अग्रवाल बुधवार को रायपुर लौट सकते हैं।
बता दें कि कानून के रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1951 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक ही समय पर एक ही पद पर रह सकता है। इस एक्ट के चलते एक पद की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ता है। बृजमोहन अग्रवाल भी एक साथ दो पदों की सदस्यता नहीं रख सकते है। उन्हें विधानसभा सदस्य, या संसद की सदस्यता दोनों में से एक पर से इस्तीफा देना पड़ेगा। नियम में यह भी है कि जब कोई व्यक्ति संसद और विधानसभा दोनों के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिन के भीतर विधानसभा की सीट खाली करनी होती है, यदि ऐसा नहीं करते हैं तो उसकी संसद की सदस्यता रद्द हो जाती है।