वर्तमान समय में बहुमुखी प्रतिभा के विकास की जरूरत है जो नई शिक्षा नीति में शामिलः शारदा वर्मा
रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में 2024-2025 से लागू किया जाना है। इस हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी शासकीय और निजी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को प्रशिक्षण देने हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है। इस तारतम्य में 25 जून को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में एक कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग की कमिश्नर शारदा वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बहुमुखी प्रतिभा के विकास की जरूरत है जो नई शिक्षा नीति में शामिल है। इससे विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में लाभ होगा और उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। उन्होंने आगे कहा कि उच्च शिक्षा विभाग नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर और तत्पर है।
प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डा. सच्चिदानंद शुक्ल ने कहा कि वर्तमान परिवेश में विद्यार्थियों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक शिक्षा की भी आवश्यकता है। इसके बगैर शिक्षण-प्रशिक्षण की प्रक्रिया अधूरी होती है। नई शिक्षा नीति इस अधूरेपन को पूर्ण करने का कार्य करेगी।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर्स ट्रेनर्स को विभिन्न विषय विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस प्रशिक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के संबंध में मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर की डायरेक्टर प्रोफेसर प्रीति के सुरेश ने अतिथियों का स्वागत किया।अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षकों के शिक्षण एवं प्रशिक्षण को लेकर बहुत ही गंभीर है l अतः इस बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों के उन्मुखीकरण हेतु लगातार इस तरह के कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिससे प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन में अधिक से अधिक लाभ हो सके। मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के डा. बृजेंद्र पांडेय ने बताया कि यह कार्यशाला आगामी 26 जून तक चलेगी। इसके बाद दूसरे बैच के मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यशाला आगामी 27 एवं 28 जून को आयोजित किया जाएगा।