बलौदाबाजार कांडः विपक्ष ने लाया स्थगन... हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित
रायपुर। विधानसभा में विपक्ष ने बलौदाबाज़ार आगजनी मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाया है। इस चर्चा की शुरुआत पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने की, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। चंद्राकर ने कहा की बलौदबाजार मामले की न्यायिक जांच चल रही है। इसलिए इस मामले पर विधानसभा में चर्चा उचित नहीं है, इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक हुई, और हंगामा भी मच गया। चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने काम रोको प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद सतनामी समाज को न्याय देने को लेकर विपक्ष ने सदन में नारेबाज़ी की, जिसके बाद अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही 3 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
दरअसल बलौदाबाजार घटना पर विपक्ष ने स्थगन लाया, स्थगन प्रस्ताव पर अपनी बात रखते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि 10 जून को कलेक्टोरेट ,एसपी ऑफिस मे आगजनी हुई, जैतखाम को नुकसान पहुंचाया गया ,उसके बाद सतनामी समाज आक्रोषित हुआ। बिहार के तीन मजदूरों की गिरफ्तारी हुई, समाज में असंतोष फैला, शासन-प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन सरकार सोई रही। समाज के लोग मान ही नहीं रहे थे की कोई मजदूर रोजी ना मिलने से इस प्रकार की घटना करें वही, समाज ने सीबीआई जांच की मांग रखी थी।
घटना के दिन लोग सुबह 10 बजे से इकट्ठा हो गए थे, एसपी अधिकारी सभी आख बंद कर देखते रहे, लोग इकट्ठा हुए सब देख रहे थे। कोई ज्ञापन लेने भी नहीं आए, एसपी-कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध है। घटना जब घटी, पुलिस अपना जान बचा कर भागे। आईजी ,डीजी रायपुर में बैठे रहे है, क्या फोर्स नहीं भेज सकते थे। इसके लिए विष्णु सरकार जिम्मेदार है। आज तक इस प्रकार की घटना कही नहीं हुई है। घटना के बाद जो मिलते थे उन्हे उठाकर ले जा रहे थे,कां ग्रेस नेता, समाज के प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा।