BIG NEWS : एक आह्वान पर जुट गई हजारों की भीड़... नियमितीकरण की मांग पर... सरकार के खिलाफ जंगी प्रदर्शन
2023-03-12 12:47 PM 322
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में चिलचिलाती धूप के बावजूद हजारों लोग जुट चुके हैं, और सिलसिला जारी है। प्रदेश के अनियमित और संविदा कर्मियों ने छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा के बैनर तले रविवार को 'अनियमित सभा' का आयोजन किया है, जिसमें शामिल होने एक आह्वान किया था और हजारों अनियमित कर्मचारियों की भीड़ नवा रायपुर में नजर आ रही है।
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 6 मार्च 2023 को बजट पेश किया। इस बजट में सीएम बघेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, ग्राम पटेल, होमगार्ड की मांगों को पूरा करने का प्रयास किया, लेकिन सालों से प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेवाएं देने वाले अनियमित और संविदा कर्मचारियों के हक और हित को परे रख दिया। इससे नाराज प्रदेश के हजारों कर्मचारियों का आक्रोश भड़क उठा है।
अतिथि व्याख्याता संघ भी शामिल
प्रदेशभर के महाविद्यालय अतिथि व्याख्याताओं के भरोसे ही संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक मानदेय भी नसीब नहीं हो रहा है, जबकि पड़ोसी राज्यों में अतिथि व्याख्याताओं को सम्मानजनक वेतन के साथ ही जॉब सिक्यूरिटी भी मिल रही है। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ में इन अतिथि व्याख्याताओं को साल में अधिकतम 7—8 महीनों का रोजगार मिल पाता है, शेष समय बेरोजगारी में कटते हैं, जिसकी वजह से इन्हें घर चलाने में भारी दिक्कत होती है, जिसके चलते इनकी तीन मांगे हैं, जो अभी तक लंबित है।
सरकार आने पर किया था वादा
कांग्रेस ने साल 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में इस बात का दावा किया था कि उनकी सरकार बनती है, तो 10 दिनों के भीतर सभी अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ दिया जाएगा। इसके बाद सरकार तो आई, लेकिन दावा पूरा नहीं हुआ। फिर सरकार ने वादा किया था कि पहला साल किसानों के नाम, दूसरा साल कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की सौगात। पर इस बात को अब चार साल पूरे हो चुके हैं और अब साल 2023 के चुनाव की बारी आ चुकी है।
सरकार का अब है कहना
प्रदेश के संविदा और अनियमित कर्मचारियों के विषय पर सरकार की दलील है कि विभागों से जानकारी मंगाई गई है, लेकिन अभी तक केवल 33 विभागों की जानकारी ही मिल पाई है, शेष विभागों की पूरी जानकारी आने के बाद ही सरकार नई योजना पर विचार कर पाएगी। ऐसे में अनियमित कर्मचारियों को इंतजार करना होगा।