रायपुर

हिंदू राष्ट्र की स्थापना और धर्मांतरण मुक्त छत्तीसगढ़ को लेकर पदयात्रा पर निकले संत पहुंचे भिलाई

रायपुर।  राजनांदगांव जिले के मोहला ब्लॉक के पानाबरस से 18 फरवरी महाशिवरात्रि से शुरु हुई मां बम्लेश्वरी संत पदयात्रा 16 मार्च को भिलाई पहुंची। पदयात्रा में 20 साधु शामिल है।  इस यात्रा के साथ एक रथ भी है, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी धर्म गुरुओं की फोटो लगी है।
 
पदयात्रा के भिलाई प्रवेश करते ही सेक्टर-6 में आदिवासी समाज ने सभी संतों की पूजा अर्चना की। इस दौरान अन्य समाज के लोग भी शामिल हुए। सागर नेताम, पिंटू जायसवाल अतेन्द्र सिंह, शत्रुघ्न नेताम और श्याम साय ठाकुर सहित अन्य ने संतों का स्वागत किया।
 
आयोजन समिति के मुकेश तिवारी ने बताया कि सेक्टर-6 में स्वागत के बाद यात्रा राधिका नगर, कृष्णानगर, मौर्य टॉकीज से होते हुए सेक्टर-1 में भोजन-विश्राम किया। इसके बाद राजराजेश्वरी मंदिर में मनीष पाण्डेय, डा. दीप चटर्जी, डिलेश्वर उमरे, शिरिष अग्रवाल, पारस जंघेल, सुनील पटेल, ठाकुर निहाल, महेंद्र प्रताप सिंह, ज्योति शर्मा, मंजू राव, मनोज तिवारी ने विशाल समूह के साथ उनका स्वागत किया। पदयात्रा केनाल रोड से होते हुए खुर्सीपार पहुंची, जहां संतों ने जनसभा को संबोधित किया।
 
 
प्रमुख रुप से पदयात्रा कर रहे संत श्री महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास आखिल भारतीय संत समिति अध्यक्ष छत्तीसगढ़, महंत राधेश्याम दास महामंत्री छत्तीसगढ़ संत समाज, बाबाजी जाटादाह राजनांदगांव के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे संतो ने अपने विचार रखे। संतों ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की स्थापना, धर्मांतरण मुक्त छत्तीसगढ़ एवं भारत, लव जिहाद मुक्त छत्तीसगढ़ एवं भारत, हिंदुओं में एकता लाने के लिए सभी समाज को एकजुट होकर हिंदू समाज की स्थापना करना होगा। सभा में उपस्थित सभी सनातनी भाइयों बहनों एवं बच्चों से यह वचन लिया गया कि वह प्रत्येक मंगलवार शाम 7 बजे मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
 
खुर्सीपार अग्रवाल समाज के द्वारा रात्रि विश्राम अग्रसेन भवन खुर्सीपार में रखा गया और राजा कृष्ण मंदिर में अग्रवाल समाज की महिलाओं ने साधु-संतों को भोजन करा कर संतोष से आशीर्वाद लिया।