रायपुर
प्रमुख लोकायुक्त पद की शपथ ली रिटायर्ड जस्टिस उबोवेजा ने
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां राजभवन में जस्टिस (सेवानिवृत्त) इंदर सिंह उबोवेजा को छत्तीसगढ़ लोक आयोग के प्रमुख लोकायुक्त पद की शपथ दिलाई। जस्टिस इंदर सिंह उबोवेजा ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई। शपथ के पश्चात् राज्यपाल डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ से उबोवेजा का अभिवादन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व सांसद सुनील सोनी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पूर्व प्रमुख लोकायुक्त टी.पी. शर्मा, राज्य सूचना आयुक्त एन.के. शुक्ला, पूर्व सूचना आयुक्त मनोज पवार, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, संयुक्त सचिव हिना अनिमेष नेताम सहित, वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी तथा प्रमुख लोकायुक्त उबोवेजा के परिजन उपस्थित थे।
विष्णु के घर कृष्ण जन्माष्टमी की धूम : मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों संग मनाया त्यौहार
नन्हें राधा-कृष्णों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास
पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से दिया सभी बच्चों को प्रसाद
जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रीकृष्ण की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
रायपुर | कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आज भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मुख्यमंत्री निवास में धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बार जन्माष्टमी अपने निवास पर दिव्यांग बच्चों के साथ मनाई। राधा और कृष्ण का रूप धरे रायपुर के तीन दिव्यांग संस्थाओं के 25 बच्चों की अठखेलियों से शाम मुख्यमंत्री निवास गुलजार रहा। मुख्यमंत्री साय ने इन बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने पालने में बाल गोपाल के रूप में बिराजे दिव्यांग बालक रूद्र की पूजा कर झूला भी झुलाया। उन्होंने प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूजा के बाद सभी बच्चों को खुद अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया। उन्होंने बच्चों को अपनी गोद में लेकर दुलारा और बातकर उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी पूछा। रायपुर के शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय मठपुरैना तथा माना के अस्थिबाधित बालगृह और बहु-दिव्यांग बालगृह के बच्चे मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कृष्ण जन्माष्टी कार्यक्रम में शामिल हुए। संवेदनशील मुख्यमंत्री साय ने पावन दिन इन बच्चों के साथ साझाकर उनके त्यौहार को खास बना दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि इन बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाना और उनकी पूजा करना मेरे लिए अत्यंत सुखद और गर्व का विषय है। प्रदेश के अन्य बच्चों की तरह ये बच्चे भी हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हम इनकी बेहतर परवरिश, शिक्षा-दीक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।
वन्यजीवों और जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं का विद्यार्थियों ने लिया व्यवहारिक ज्ञान
मेट्रो शहरों के तर्ज पर रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे स्पोर्ट्स कोर्ट बनकर तैयार : बैडमिंटन, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल खेल सकेंगे
रायपुर | राजधानी रायपुर को अवैध कब्जे से बचाने के लिए मुंबई, भोपाल, गाजियाबाद, कलकत्ता और अहमदाबाद जैसे महानगरों की तर्ज पर रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे स्पोर्ट्स कोर्ट बनकर तैयार हो चुका है | एक्सप्रेस वे ओवरब्रिज के नीचे खाली पड़ी जमीन का सदुपयोग करने यह स्पोर्ट्स मैदान बनाया गया है, जिसमें बैडमिंटन, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल खेला जाएगा।
बारिश के दौरान भी यहां बच्चे बिना किसी परेशानी के खेल सकेंगे | स्पोर्ट्स कोर्ट बनने से न केवल बच्चों को खेल का मैदान मिला है बल्कि ओवरव्रब्रिज के नीचे खाली जमीन अवैध कब्जे से भी सुरक्षित हुई है | स्पोर्ट्स कोर्ट लगभग 1 माह के भीतर बनकर तैयार हो चुका है. कुछ ही दिन में राजधानी के बच्चे यहां अलग-अलग तरह से गेम खेलते हुए नजर आएंगे।

मुंबई और गाजियाबाद की तर्ज पर अंडरब्रिज के नीचे बनाए गए, इस मैदान में खिलाड़ी रात और दिन दोनों समय खेल सकेंगे | ओवरब्रिज के नीचे बनाए गए इस मैदान में एक मैदान तो बैडमिंटन और बॉस्केटबाल के लिए है, वहीं दूसरा वालीबॉल के लिए बनाया गया है | एक मैदान में ग्राउंड रबर और चारों ओर लोहे की जाली का घेरा है | पुल के पिलरों और स्लैब को चार रंगों से सजाया गया है | पिलर्स में बास्केटबॉल सुपर स्टारों की पेंटिंग भी की गई है, साथ ही आसपास के स्थल को खूबसूरत बनाया गया है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 27 अगस्त को गुढ़ियारी में सार्वजनिक भव्य दही हांडी उत्सव का आयोजन
रायपुर | छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर की पावन भूमि गुढ़ियारी में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सार्वजनिक दही हांड़ी उत्सव समिति एवं श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के विशेष सहयोग से भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर दिनांक 27 अगस्त 2024, दिन मंगलवार को शाम 4 बजे दही हांड़ी उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमे छ.ग. प्रदेश ही नही, अपितु महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश,झारखण्ड तथा ओडिशा एवं अन्य राज्यों से भी गोविंदा टोलिया प्रतिभागी के रूप में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आ रहे है।
प्रतिभागियों में से विजेता टोली को पुरस्कार स्वरुप 800000/- रुपये की इनाम राशि समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल एवं अतिथियों के द्वारा प्रदान किया जावेगी | प्रयास करने वाली शेष गोविंदा टोलियों को सांत्वना राशि 11000 रुपये भी समिति के सह संयोजक हेमेन्द्र साहू ने बताया की अभी तक लगभग स्थानीय रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव की 20 टोलियों समेत महिला टोलियों ने भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। महाराष्ट्र, मध्यदेश के इंदौर तथा जबलपुर से भी टोलियाँ अपना नाम समिति के पास दर्ज करा चुकी हैं। यह उत्सव प्रतियोगिता पूर्णत: नि:शुल्क एवं एक धार्मिक आयोजन हैं इस विशाल दही हांड़ी उत्सव का ये वे 15 वां वर्ष हैं।

समिति के द्वारा श्रीकृष्ण भक्तों के मनोरंजन के लिए विश्वविख्यात शिव भजन गायक बाबा हंसराज रघुवंशी जी एवं छत्तीसगढ़ की लाडली बेटिया गरिमा- स्वर्णा दिवाकर बहनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यकम की प्रस्तुति की जा रही है तथा उड़ीसा के कलाकारों द्वारा घंटा बाजा का प्रदर्शन भी किया जाएगा, साथ ही साथ ग्रीस युक्त खम्बा एवं वृन्दावन से आई कृष्ण लीला कि मनमोहक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। सभी श्रीकृष्ण भक्तों के बैठने की समुचित व्यवस्था समिति के द्वारा कि गई हैं समिति के द्वारा सभी गोविंदा टोलियों एवं आम जल कि सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन के सहयोग से पुलिस व्यवस्था, प्राथमिक उपचार व्यवस्था व आपात स्थिति में एम्बुलेंस कि व्यवस्था की गई है। गोविंदा टोलियों की किसी भी प्रकार की दुर्घटना की जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी, समिति इसके लिए जम्मेदार नहीं होनी।
विद्युत पारेषण कंपनी में उत्कृष्ट कार्य के लिए छह कर्मी पुरस्कृत
रायपुर। विषम परिस्थितियों में असाधारण कार्य करने वाले छह कर्मियों को छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया। पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने पदक और प्रशस्ति पत्र भेंट किया। उन्होंने कहा कि पारेषण कंपनी की यह अच्छी परंपरा है, इससे दूसरे कर्मी भी प्रेरित होते हैं। हमें बेहतर स्थिति से और बेहतर कार्यशैली विकसित करने के लिए निरतंर प्रयास करते रहना चाहिए।
भिलाई ईएचटी संधारण संभाग के बृजेश कुमार परिचारक श्रेणी 1 (लाइन) को औद्योगिक पार्क हथखोज में 132 केवी अतिउच्चदाब लाइन के ब्रेकडाउन को विषम परिस्थितियों में जोखिम लेते हुए पुनः सुचारू रूप से चालू करने के लिए पुरस्कृत किया गया। श्री बसंत टोप्पो, अति, प्रभारी सहायक अभियंता, टीएलएम संभाग अंबिकापुर को सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद खराब मौसम व बारिश तूफान बीच एक ही दिन में 220 केवी और 132 केवी की लाइनों में आए चार ब्रेकडाऊन को कुछ ही घंटों में सुधारने का कार्य कराने के लिए सम्मानित किया गया।
प्रदेश के पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पहुंच रही मूलभूत सुविधाएं
समुदाय के लोगों को किया जा रहा स्वास्थ्य, शिक्षा और सफाई के प्रति जागरूक
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें बेहतर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने शासन-प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इन्हें पीएम जनमन योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है। राज्य के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बस्तियों और पीवीटीजी परिवारों तक योजनाओं को पहुंचने के उद्देश्य से योजना संचालित किए जा रहे है। जिसका सुखद और सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।

इसके साथ ही समुदाय के लोगों स्वास्थ्य, शिक्षा और सफाई के प्रति जागरूक को किया जा रहा। इसी कड़ी में जशपुर जिला के मनोरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरसीली बसाहट किंदरा पाठ में पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर चर्चा किया गया। सोनक्यारी के शिक्षक कुलवंत द्वारा समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर चर्चा करते हुए सभी को स्वास्थ्य, शिक्षा और सफाई के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पीएम जनमन योजना के तहत मिलने वाली योजनाओं की जानकारी दी गई। जिले में यह सिलसिला लगातार जारी है विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को जागरूक करने के साथ योजनाओं से लाभन्वित किया जा रहा।
वन्यजीवों और जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं का विद्यार्थियों ने लिया व्यवहारिक ज्ञान
नंदनवन जंगल सफारी में बी.एससी. फॉरेस्ट्री छात्रों का सफल शैक्षणिक भ्रमण
रायपुर | दुर्ग जिले के सांकरा स्थित महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री के कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री एंड रिसर्च स्टेशन में बी.एससी. फॉरेस्ट्री तृतीय वर्ष में अध्ययनरत 33 विद्यार्थियों और 3 सहायक प्राध्यापकों ने राजधानी रायपुर के नंदनवन जंगल सफारी का सफल शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन्यजीव स्वास्थ्य प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों, और वन्यजीव अभ्यारण्यों के परिचालन दिशा-निर्देशों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

भ्रमण की शुरुआत में सुबह 10:40 बजे विद्यार्थियों के आगमन के साथ ही नंदनवन जंगल सफारी की शिक्षा टीम ने छात्रों का स्वागत किया और उन्हें जंगल सफारी के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन कराया गया जिसमें जैव विविधता संरक्षण प्रयास के तहत छात्रों को नंदनवन जंगल सफारी द्वारा किए जा रहे विभिन्न संरक्षण प्रयासों की जानकारी दी गई। इसमें वन्यजीवों के पुनर्वास, प्रजातियों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के प्रयास शामिल थे।

वेटरनरी अस्पताल में विद्यार्थियों को वन्यजीवों के स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जानकारी देने के लिए वेटरनरी अस्पताल का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें जानवरों के उपचार, स्वास्थ्य प्रबंधन और पुनर्वास प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों ने ज़ू का दौरा किया, जिसमें उन्हें विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा, उन्होंने चार रोमांचक सफारी (शाकाहारी, भालू, बाघ और शेर सफारी) का भी अनुभव लिया, जहां उन्हें विभिन्न जीवों के प्राकृतिक आवास और व्यवहार के बारे में बताया गया।
जंगल सफारी के व्याख्या केंद्र में, नंदनवन जंगल सफारी की जू शिक्षा टीम ने छात्रों को सफारी की विशेषताओं और इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से समझाया। शैक्षणिक दौरे का समापन दोपहर 4:30 बजे हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने नंदनवन जंगल सफारी के संरक्षण प्रयासों की सराहना की और इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
बीजापुर जिले के कई युवाओं ने पहली बार देखी राजधानी… 31 युवाओं नेकी शाह से मुलाकात
रायपुर। माओवादी आतंक से प्रभावित बीजापुर जिले के पालनार कैम्प के आस-पास के 5 गांव के 31 युवाओं ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नवा रायपुर में मुलाकात की। इनमें से कई युवा पहली बार बीजापुर से निकलकर राजधानी रायपुर आये हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने इन बच्चों से हाल-चाल पूछा और उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इन बच्चों ने राजधानी रायपुर के भ्रमण के दौरान पुरख़ौती मुक्तागन, महानदी भवन मंत्रालय, मीवान स्टील प्लांट, मैग्नेटो मॉल, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, पुरखौती मुक्तांगन, रेलवे स्टेशन और मैग्नेटो माल का भ्रमण किये। 23 अगस्त की रात से यह युवा रायपुर पहुँचे हैं। युवा कल गंगरेल बांध घूमते हुए वापस बीजापुर लौट जाएँगे।
गौरतलब है कि पालनार सुरक्षा कैम्प के आस-पास के इन बच्चों के गांवों में नियद नेल्लानार योजना के तहत सड़क, बिजली पानी राशन, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को दिलाया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत सुरक्षा कैम्प के पांच किलोमीटर की परीधि के गांवों में नियद नेल्लानार योजना संचालित की जा रही है। बीजापुर जिले के सुरक्षा कैम्पों के पास के 33 गांवों में नियद नेल्लानार योजना संचालित की जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘‘पीपुल फॉर पीपल’’ अभियान का किया शुभारंभ
दूर हुआ पहाड़ी कोरवा दुखुराम का दुख : नौकरी से मिल रहा जीवन का सुख
रायपुर | पहाड़ी कोरवा युवक दुखुराम की अब दिनचर्या ही बदल गई है। राज्य शासन से नौकरी मिलने के पश्चात एक नया सपना सजने लगा है। कुछ साल पहले रोजगार नहीं होने से पूरा दिन जंगलों में चार, तेंदू, महुआ आदि फल-फूल एकत्रित करने में समय गुजर जाता था। भूख मिटाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी। ऐसे में एक सामान्य जनजीवन व्यतीत करना एक कल्पना ही थी। लेकिन यह कल्पना एक दिन हकीकत में बदल जायेगी यह पहाड़ी कोरवा दुखुराम ने भी नहीं सोचा था। राज्य शासन की पहल ने आज उसे इस मुकाम पर ला खड़ा किया है कि अब वह इतिहास में जाना नही चाहता। सरकारी नौकरी के बाद अपनी दुखों से दूर हुए पहाड़ी कोरवा दुखुराम अपना भविष्य सुधारने के साथ बच्चों का भविष्य बनाने की सोचने लगा है। नौकरी से न सिर्फ दुखुराम का जीवन बदला है, उनकी पत्नी सहित परिवार को भी जीवन का सुख मिलने लगा है।

वर्तमान में कोरबा जिले के ग्राम पेण्ड्रीडीह में रहने वाला पहाड़ी कोरवा युवक दुखुराम को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी प्रदान की गई है। वह कोरबा मुख्यालय के सुदूरवर्ती क्षेत्र श्यांग-अमलडीहा से लगे ग्राम आमाडांड के शासकीय प्राथमिक शाला में बच्चों को अध्यापन कराता है। प्रतिदिन ग्राम पेण्ड्रीडीह से अपने स्कूल आमाडांड की दूरी बाइक से तय करने वाले दुखुराम ने बताया कि वह समय पर स्कूल पहुंच जाता है। पेण्ड्रीडीह में उनके रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहीं निवास करता है। उन्होंने बताया कि शुरूआत में नौकरी करना कठिन लगा क्योंकि उसे जंगल में रहने की आदत थी। लेकिन धीरे-धीरे आदत बदल गई और स्कूल माहौल में रहने से काम करने में झिझक भी मिटने लगी।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से समय-समय पर जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के सदस्यों को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी से जोड़कर उनके जीवन स्तर को बदलने का कार्य किया जाता है। पहाड़ी कोरवा दुखुराम भी इन्हीं प्रयास का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसंत ने कोरबा जिले में बड़ी संख्या में निवासरत पीवीटीजी के उत्थान की दिशा में 8 वीं से लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने वाले पहाड़ी कोरवाओं को डीएमएफ के माध्यम से मानदेय के आधार पर स्कूल तथा अस्पताल में रोजगार देने का न सिर्फ पहल किया है बल्कि सभी का बेहतर भविष्य बनाने के साथ आने वाले पीढ़ियों को भी समाज के मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में कदम उठाया है। कोरबा जिले में डीएमएफ से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के सदस्यों को नौकरी मिली है।

शासकीय सेवा में आने के साथ ही कोरवा युवक दुखुराम का रहन-सहन में काफी परिवर्तन आ गया है। एक शिक्षक के रूप में पहनावा और स्कूली विद्यार्थियों के बीच उनके व्यवहार में परिवर्तन आया है। नौकरी के बाद प्रतिमाह समय पर वेतन मिल जाने से उसकी आर्थिक स्थिति भी सुधरने लगी है। दुखुराम ने बताया कि वेतन का कुछ रकम बचत करता है ताकि वह भी आने वाले समय में अपने बच्चों का भविष्य बना सके। दो साल पहले ही शादी के बंधन में बंधे दुखुराम ने बताया कि उसे भी मोटर साइकिल चलाने, मोबाइल का शौक था। नौकरी पाकर मोटर साइकिल और मोबाइल की शौक पूरी कर चुका है, अब जल्दी ही घर में टीवी सहित अन्य जरूरी सामान भी लेगा। उधर दुखुराम की पत्नी जून बाई का कहना है कि अब पति नौकरी करते हैं तो फिर आस-पास की महिलाओं के साथ महुआ, चार, तेंदूपत्ता के लिए जंगल जाना छूट गया है और उनकी भी कोशिश है कि जंगल की ओर जाने की बजाय बेहतर है कि एक नया जीवन जीकर आने वाली पीढ़ी को संवारने का काम किया जाएं।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल से तक्षशिला लाइब्रेरी में इंटरनेट स्पीड दोगुनी : अब छात्रों की पढ़ाई होगी डबल स्पीड से
इंटरनेट सुविधा के विस्तार होने से छात्रों में प्रसन्नता
रायपुर | राजधानी रायपुर के मोतीबाग स्थित तक्षशिला लाइब्रेरी के छात्र-छात्राओं को अब ऑनलाइन पढ़ाई में और भी सुविधा मिलेगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल पर लाइब्रेरी में इंटरनेट की स्पीड 100 एमबीपीएस से बढ़ाकर 200 एमबीपीएस कर दी गई है। इससे छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन टेस्ट देने और अन्य अध्ययन सामग्री एक्सेस करने में ज्यादा आसानी होगी।
नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी के नोडल अधिकारी केदार पटेल ने बताया कि पहले तक्षशिला लाइब्रेरी में 100 एमबीपीएस की स्पीड से मुफ्त इंटरनेट सुविधा मिलती थी, जिसे अब दोगुनी कर दिया गया है। इस नई सुविधा से छात्रों में उत्साह है, और उनका कहना है कि इससे उनकी पढ़ाई की रफ्तार भी दोगुनी हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि तक्षशिला लाइब्रेरी का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 मार्च 2024 को किया था। यह लाइब्रेरी नालंदा परिसर प्रबंधन सोसायटी द्वारा संचालित की जाती है, जो 24 घंटे और 7 दिन खुली रहती है। इसमें एक साथ 800 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर सकते हैं, और यहां 10,000 से अधिक किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन अध्ययन के लिए 35 आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम भी लगाए गए हैं।
छात्र-छात्राओं ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह का आभार व्यक्त किया है।
माओवादी आतंक विरोधी अभियान के हर मोर्चे पर छत्तीसगढ़ सरकार को मिली अच्छी सफलता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
छत्तीसगढ़ को नक्सलियों से लड़ाई में जिस मदद की आवश्यकता होगी उसे भारत सरकार उपलब्ध कराएगी
छत्तीसगढ़ पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 30 करोड़ रुपए देने की घोषणा
रायपुर | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ तथा पड़ोसी राज्यों में चल रहे माओवादी आतंक विरोधी अभियान की रायपुर में समीक्षा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में माओवादी आतंक विरोधी अभियान में छत्तीसगढ़ सरकार को हर मोर्चे पर बहुत अच्छी सफलता मिली है। पिछले आठ माह में माओवादी आतंक को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में जितना कार्य हुआ है, उतना कभी नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रशंसा करते हुए कहा कि माओवादियों का एरिया बहुत सीमित रह गया है। छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल विरोधी अभियान में बहुत अच्छी कार्रवाई कर रही है। जितनी तेज और प्रभावी कार्यवाही साय सरकार ने 8 माह में की, जिसमें 150 माओवादी आतंकवादी न्यूट्रेलाइज किए गए और इससे 4 गुना ज्यादा लोगों ने आत्मसमर्पण किया, वह पूरे भारत में तक कहीं नहीं हुआ। इस कार्यवाही में उन्होंने और तेजी लाने के उन्होंने निर्देश दिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री से मैं लगातार बात करता हूं, छत्तीसगढ़ को नक्सलियों से लड़ाई में जिस मदद की आवश्यकता होगी, उसे भारत सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की एजेंसियों को मिलकर नक्सलियों की वित्तीय कड़ी को तोड़ने का कार्य करना चाहिए। टैक्स एजेंसियों को भी संवेदनशील होकर नक्सलियों की वित्तीय कड़ियों को तोड़ने के लिए करवाई करनी चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने नक्सल प्रभावित इलाकों में कम्युनिटी अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को शासकीय योजनाओं, प्रक्रियाओं और इंटेंट के बारे में सही इन्फॉर्मेशन दी जाए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी जाए। ये हमें सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र और राज्य की सभी 300 योजनाओं का शत प्रतिशत सैचुरेशन हो, उनका पूर्ण क्रियान्वयन हो। ऐसे क्षेत्र जहां माओवादी आतंक खत्म हो गया है, वहां ये समस्या दोबारा पैदा ना हो, ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी हथियार वाले आन्दोलन को लोगों में सरकार के प्रति विश्वास पैदा करके ही समाप्त किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 30 करोड़ देने की घोषणा की।
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, माओवादी आतंक विरोधी अभियान की प्रगति और भावी योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस पर विचार-विमर्श के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ के माओवादियों में से अधिकाधिक, आत्म समर्पण करना चाहते हैं, हमें समर्पण योजना की व्यापक जानकारी रखनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी, एनआइए, सीआरपीफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के महानिदेशक, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बिजली विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का मिलन समारोह संपन्न
रायपुऱ। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत के सेवानिवृत अधिकारियों ने राजधानी के ग्रैंड नीलम होटल में अर्धवार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर वरिष्ठतम इंजीनियर एके राय एवं श्रीमती राय का एसपी चतुर्वेदी एवं एमबी मेंढेकर ने सपत्नीक पुष्प हार ,गुलदस्ता, साल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। वहीं इंजीनियर एमएल बैस एवं श्रीमती बैस का एके श्रीवास्तव एवं एसपी रेगे द्वारा सपत्नीक तथा इंजीनियर पीके चौहान एवं श्रीमती चौहान का आरके भागवत, डीडी पात्रिकर एवं आरएस साहू द्वारा सपत्नीक पुष्प हार ,गुलदस्ता, साल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। ओपी खंडेलवाल ने सपत्नीक सम्मानित अतिथियों को फ्लावर लैंप प्रदान कर सम्मानित किया।
अभिनंदन पश्चात सीपी पांडे, एके श्रीवास्तव, एसपी रेगे, आरके भागवत ने सम्मानित अतिथियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात सम्मानित अतिथियों ने उद्बोधन में अपने अनुभव को साझा करते हुए आयोजन की सराहना की तथा इस तरह की आयोजन भविष्य में भी करते रहने हेतु प्रेरित किया। लंच के पश्चात श्रीमती रॉय, श्रीमती रेगे, आरडी सोनकर, बीएन विश्वास, बीबीपी मोदी, समद्दार, जेके जैन एवं अन्य अधकारियों ने करोके पर गीत प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन आरके भागवत ने व्यक्त किया। वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन ए पी बारले एवं हाऊजी का संचालन डीडी पात्रिकर और श्रीमती पात्रिकर एवं श्रीमती अग्रवाल ने किया।
मिलन समारोहः 27 साल बाद अपने शिक्षकों से मिले कुसुम ताई दाबके स्कूल के छात्र
रायपुर। राजधानी के प्रसिद्ध सौ. कुसुम ताई दाबके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों और छात्रों को मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सन 1997-99 में कक्षी 11वीं-12वीं के पूर्व विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। उस समय के शिक्षक और विद्यार्थियों ने मिलकर अपनी पुरानी यादों को ताजा किया।
इस कार्यक्रम में संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन भी शामिल हुए। 97-99 के दौर में वे वहां व्याख्याता हुआ करते थे। कार्यक्रम में तत्कालीन शिक्षण गण प्राचार्य सविता गोवर्धन, व्याख्याता अखिल खरे, नीलिमा सावरकर, विरेंद्र मानसरोवर, मनीषा एवं वर्तमान प्राचर्य जितेंद्र सेन, सहायक शिक्षक यादव मैडम को सभी विद्यार्थियों ने स्मृति चिन्ह भेंटकर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में पहुंचे छात्रों ने बताया कि वह अब डाक्टर, शिक्षक, प्रोफेसर, लैब टेक्नीशियन, व्यवसायी, गृहणी एवं वकी, इंजीनियर के रुप में अपनी सेवाएं दे रहे है। सभी ने अपना परिचय देकर गुरूओ का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर लगभग 40 विद्यार्थी शामिल हुए। जिसमें दयानिधि नायडू, युसूफ खान, सगीर अहमद, यारेसा खान, कुबेर टिकरिया, योगेश साहू, आदित्य परिहार, अजय श्रीवास्तव, दीपक, जितेंद्र साहू, रितेश शर्मा, विनोद नायक, अमित साहू, यशवंती साहू, नमिता साहू, रश्मि, निधि त्रिपाठी और देवकी नंदन सोम शामिल रहे।
तोते और संरक्षित पक्षियों को कैद में रखने एवं खरीद-बिक्री पर होगी कार्रवाई
अगर आपके घर भी तोता या अन्य पक्षी हैं, तो ये खबर आपके लिए, राज्य सरकार ने लगाई रोक
रायपुर | अब तोता पालना और पालकर बेचना लोगों को महंगा पड़ सकता है और न ही पाले हुए तोते को घर में रख सकते हो। अगर आपके घर भी तोता या अन्य पक्षी हैं, तो ये खबर आपके लिए है। नहीं तो आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि कानूनी संरक्षण मिलने वाली वन्यजीव तोता या अन्य पक्षियों की अवैध खरीदी, बिक्री या फिर घरों में पालने पर रोक लगाई जाए। प्रदेश में तोता समेत अन्य पक्षियों की धड़ल्ले से चल रही बिक्री की शिकायत को लेकर यह निर्देश जारी किया गया है।

राज्य में तोता समेत अन्य पक्षी अब पिंजरे में कैद नहीं रहेंगे। मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख की ओर से छत्तीसगढ़ के सभी डीएफओ यह निर्देश जारी किया गया है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में हुए संशोधन की अनुसूची में तोता समेत अन्य पक्षियों की खरीदी, बिक्री और उसका पालन करना कानूनन पूर्ण प्रतिबंधित है। अब घरों में तोता समेत अन्य पक्षियों की रखरखाव बंद हो जाएगा।
वन विभाग से जारी आदेश के अनुसार, घरों में तोता पालना या फिर खरीदी बिक्री करना वन्यजीव सरंक्षण अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें सजा की प्रावधान है। आदेश जारी होने के बाद अब तय समय के भीतर तोता समेत अन्य पक्षियों को जमा करना होगा। अगर निर्धारित समय के बाद वन विभाग की टीम लोगों के घरों में जाकर पक्षी पालने वालों के लिए खिलाफ कार्रवाई करेगी या फिर शिकायत मिलने पर छापेमारी कर कार्रवाई करेगी। साथ ही उनके खिलाफ केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब तोता समेत अन्य पक्षियों को जमा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर जेल भी जाना पड़ सकता है। अब पक्षियों को कैद से रिहा कर प्रबंधन को सौंपा जाएगा। वहीं टोल फ्री (18002337000) नंबर भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से अधिक जानकारी ले सकते हैं।
शाह की अध्यक्षता में नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच सुरक्षा पर मंथन जारी
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल प्रभावित राज्यों की अंतर राज्यीय समन्वय समिति की बैठक प्रारंभ हो गई है। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित हैं।
बैठक में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश,आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।